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पंजाब में ओलावृष्टि से नष्ट हुई फसलों को लेकर MP सुखजिंदर रंधावा ने केंद्रीय कृषि मंत्री को लिखा पत्र

चंडीगढ़: पंजाब में हाल ही में हुई बेमौसम बारिश, तेज हवाओं और ओलावृष्टि से गेहूं की खड़ी फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। इस मुद्दे को लेकर गुरदासपुर से सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर तुरंत हस्तक्षेप, नुकसान का आकलन और किसानों के लिए राहत पैकेज की मांग की है।

पत्र में कहा गया है कि 30 और 31 मार्च से शुरू हुई पश्चिमी विक्षोभ की सक्रिय श्रृंखला के कारण पंजाब के कई जिलों बठिंडा, मानसा, फाजिल्का, श्री मुक्तसर साहिब, पटियाला, लुधियाना, अमृतसर और गुरदासपुर में भारी बारिश और ओलावृष्टि हुई। India Meteorological Department ने 6 और 7 अप्रैल के लिए भी ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिससे स्थिति और गंभीर होने की आशंका जताई गई है।

फसल को व्यापक नुकसान

रंधावा के अनुसार, राज्य में लगभग 34 लाख हेक्टेयर में गेहूं की खेती होती है और इस समय फसल कटाई के लिए तैयार थी। ओलावृष्टि और तेज हवाओं ने मालवा क्षेत्र के सैकड़ों गांवों में फसल को गिरा दिया है, जिससे कई जगह 30 से 70 प्रतिशत तक नुकसान की रिपोर्ट सामने आई है।

लगातार बारिश के कारण कटाई में लगभग दो हफ्ते की देरी हो रही है, वहीं खेतों में नमी बढ़ने से फंगल संक्रमण और दाने की गुणवत्ता में गिरावट का खतरा बढ़ गया है। खुले में रखी कट चुकी फसल भी भीगने से खराब हो रही है, जिससे किसानों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है।

किसानों के सामने संकट

पत्र में यह भी बताया गया है कि जलभराव के कारण कंबाइन हार्वेस्टर का इस्तेमाल संभव नहीं हो पा रहा है, जिससे किसान न तो कटाई कर पा रहे हैं और न ही फसल बेच पा रहे हैं। इससे उनकी आर्थिक स्थिति और कमजोर हो रही है।

PMFBY से बाहर पंजाब

रंधावा ने बताया कि पंजाब सरकार ने Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana को लागू नहीं किया है, जिसके चलते राज्य के किसान इस राष्ट्रीय फसल बीमा योजना का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं। ऐसे में किसानों के पास नुकसान की भरपाई के लिए कोई बीमा विकल्प नहीं है।

केंद्र से प्रमुख मांगें

सांसद ने केंद्र सरकार से कई अहम मांगें रखी हैं:

-फसल नुकसान का तुरंत स्वतंत्र आकलन कराया जाए

-किसानों के लिए राहत पैकेज की घोषणा की जाए

-राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष (NDRF) से विशेष सहायता दी जाए

-राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (SDRF) के मुआवजा मानकों में बढ़ोतरी की जाए

-Food Corporation of India के नमी मानकों में अस्थायी छूट दी जाए ताकि किसानों की फसल खारिज न हो

-पंजाब को पीएमएफबीवाई में शामिल करने के लिए नया प्रस्ताव दिया जाए

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“तत्काल कार्रवाई जरूरी”

रंधावा ने अपने पत्र में कहा कि पंजाब के किसान देश की खाद्य सुरक्षा की रीढ़ हैं और वर्तमान संकट में तत्काल मदद की आवश्यकता है। उन्होंने केंद्र सरकार से जल्द से जल्द राहत उपायों की घोषणा करने और किसानों को स्पष्ट जानकारी देने की अपील की है। इस बीच, किसानों और कृषि संगठनों ने भी केंद्र और राज्य सरकार से तुरंत कदम उठाने की मांग तेज कर दी है, ताकि भारी नुकसान से जूझ रहे किसानों को राहत मिल सके।

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