MSP and subsidy to farmers : पंजाब सरकार फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए मक्का पायलट परियोजना के तहत संगरूर जिले के किसानों को खरीफ मक्का की बिजाई के लिए लगातार प्रोत्साहित कर रही है। इस संबंध में संगरूर के डिप्टी कमिश्नर ने ब्लॉक संगरूर के गांव लोहाखेड़ा के खेतों का विशेष दौरा किया, जहां 5 एकड़ भूमि में खरीफ मक्का की बिजाई की जा रही है।
डिप्टी कमिश्नर ने इस दौरे के दौरान अन्य किसानों को भी खरीफ मक्का की बिजाई के लिए प्रोत्साहित किया। संदीप ऋषि ने किसानों को बताया कि सरकार द्वारा की गई घोषणा के अनुसार खरीफ मक्का की बिजाई करने वाले किसानों को सरकार द्वारा 17500 रुपये प्रति हेक्टेयर की आर्थिक सहायता प्रदान की जानी है। इसके साथ ही सरकार द्वारा मक्का की फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2400 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है।
उन्होंने कहा कि मक्का की फसल किसानों को धान-गेहूं की फसल चक्र से बाहर निकाल सकती है और यह भूजल को बचाने में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकती है। इस पहल से न केवल किसानों की आय बढ़ेगी बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी।
इस अवसर पर मुख्य कृषि अधिकारी ने कहा कि कृषि विभाग के अधिकारी व कर्मचारी लगातार किसानों के संपर्क में हैं और उन्हें अधिक से अधिक मक्की की बिजाई करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। उन्होंने खरीफ मक्की की बिजाई के लिए कम समय लेने वाली किस्मों के चयन, खरपतवार नियंत्रण और खादों के उचित प्रयोग के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि किसानों को मक्की की खेती के लिए सभी आवश्यक तकनीकी सहायता और जानकारी उपलब्ध हो। किसानों को बताया गया कि इथेनॉल फैक्ट्रियों में मक्की की खपत लगातार बढ़ रही है, जिससे किसानों को अच्छा मुनाफा मिल सकता है। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि मक्की की फसल के विपणन में कोई समस्या नहीं आएगी, जिससे किसानों को अपनी उपज बेचने में आसानी होगी। इससे मक्की की खेती किसानों के लिए एक आकर्षक विकल्प बन गई है।

