Site icon Dainik Savera Times

चंडीगढ़ में नगर निगम चुनाव की तैयारी, सात वार्ड होंगे आरक्षित, इन पार्षदों के लिए बढ़ी चुनौती

municipal elections in Chandigarh

municipal elections in Chandigarh

चंडीगढ़: नगर निगम चुनाव की तैयारियों के बीच प्रशासन ने 2026 के अंत में होने वाले चुनावों के लिए सात वार्ड आरक्षित करने की शॉर्टलिस्ट तैयार कर दी है। बता दें कि इन वार्डों में वर्तमान में जनरल कैटेगरी के पार्षद हैं, जिनके लिए यह नई स्थिति चुनौतीपूर्ण साबित होगी।

वार्डबंदी और जनसंख्या डेटा (2011 की जनगणना) के आधार पर प्रशासन ने वार्ड नंबर 1, 3, 4, 9, 15, 29 और 32 को आरक्षित सूची में शामिल किया है। इनमें तीन वार्ड महिला उम्मीदवारों के लिए रिजर्व होंगे, जिनका निर्णय ड्रॉ से होगा।

कौन हैं प्रभावित पार्षद

वार्ड आरक्षित होने से इन वार्डों के वर्तमान पार्षदों को अपने राजनीतिक भविष्य के लिए नई रणनीति बनानी होगी।

वार्ड-1: जसविंदर कौर (आप)

वार्ड-3: दलीप शर्मा (भाजपा)

वार्ड-4: सुमन शर्मा (पहले आप, अब भाजपा)

वार्ड-9: बिमला दूबे (भाजपा)

वार्ड-15: रामचंद्र यादव (आप)

वार्ड-29: मनौर (आप)

वार्ड-32: जसमनप्रीत सिंह (भाजपा)

इन पार्षदों को अब दूसरे वार्डों में चुनाव लड़ने या नई राजनीतिक जमीन तलाशने की आवश्यकता होगी।

महिला उम्मीदवारों के लिए भी 9 वार्ड होंगे आरक्षित

सात आरक्षित वार्डों के अलावा बाकी 28 वार्डों में से नौ वार्ड जनरल कैटेगरी की महिलाओं के लिए आरक्षित किए जाएंगे। इसमें ड्रॉ प्रक्रिया के बाद यह तय होगा कि कौन से वार्ड महिला उम्मीदवारों के लिए होंगे। इस तरह, कुल 12 वार्डों में महिला उम्मीदवार चुनाव लड़ेंगी।

आरक्षित वार्डों का क्षेत्रफल

वार्ड-1: कैंबवाला, खुड्डा अलीशेर, खुड्डा जस्सू, खुड्डा लाहौरा

वार्ड-3: सेक्टर-26, बापूधाम, पुलिस लाइन, मद्रासी कॉलोनी

वार्ड-4: मनीमाजरा बस्ती, किशनगढ़, इंदिरा कॉलोनी, आईटी पार्क, शास्त्री नगर

वार्ड-9: इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1, दड़वा, स्माल फ्लैट्स, मौलीजागरां पार्ट-2

वार्ड-15: सारंगपुर, धनास की चार मंजिला फ्लैट्स

वार्ड-29: सेक्टर-55 हाउसिंग बोर्ड मकान, पलसौरा, सेक्टर-56 कॉलोनी

वार्ड-32: सेक्टर-44 और सेक्टर-51

ये भी पढ़ें: पंजाब पुलिस में गैंगस्टरों के खिलाफ ऐतिहासिक अभियान शुरू, DGP ने लॉन्च किया ‘ऑपरेशन परिहार’

चुनाव आयोग की मंजूरी के बाद शुरू होगी ड्रा प्रक्रिया

प्रशासन की ओर से चुनाव आयोग की मंजूरी के बाद अप्रैल में ड्रॉ की प्रक्रिया शुरू होगी। इससे पहले वर्ष 2021 के चुनावों में उन सात वार्डों को आरक्षित किया गया था, जिनमें आरक्षित वर्ग की अधिकतम आबादी रहती थी। अब अगली शॉर्टलिस्ट में बाकी वार्डों को आरक्षित किया गया है, जिससे पार्षदों और राजनीतिक दलों के लिए चुनावी रणनीति बदलना जरूरी हो गया है।

Exit mobile version