Muslim Community Issues May Find Place in Congress Manifesto : जालंधर। पंजाब कांग्रेस की वरिष्ठ नेता एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री रजिया सुल्ताना का मुस्लिम संगठन पंजाब की ओर से जालंधर के दीप नगर में विशेष स्वागत किया गया।
इस अवसर पर एसएस कंस्ट्रक्शन के एमडी एवं प्रसिद्ध बिल्डर कय्यूम खान के निवास पर एक विशेष बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें मुस्लिम समाज से जुड़े विभिन्न गंभीर मुद्दों, सामाजिक समस्याओं और समुदाय की लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर विस्तारपूर्वक विचार-विमर्श किया गया। बैठक में मुस्लिम संगठन पंजाब के अध्यक्ष एडवोकेट नईम खान और संगठन के महासचिव मज़हर आलम मज़ाहिरी ने रजिया सुल्ताना के समक्ष जालंधर के मुस्लिम समाज की विभिन्न समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज को सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास किए जाने की आवश्यकता है। इसके साथ ही समुदाय की जायज मांगों और बुनियादी समस्याओं को राजनीतिक स्तर पर उचित प्रतिनिधित्व मिलना भी जरूरी है।
मुस्लिम संगठन के प्रतिनिधियों ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रत्येक वर्ग की समस्याओं और जरूरतों को सरकार तथा राजनीतिक दलों तक पहुंचाना आवश्यक है। मुस्लिम समाज भी प्रदेश के विकास और सामाजिक सौहार्द में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है। ऐसे में समाज की शिक्षा, रोजगार, सामाजिक सुरक्षा, धार्मिक एवं सामुदायिक संस्थाओं से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से ध्यान दिया जाना चाहिए। इस दौरान पूर्व कैबिनेट मंत्री रजिया सुल्ताना ने मुस्लिम संगठन पंजाब के प्रतिनिधियों की बातों को गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि वर्ष 2027 में होने वाले पंजाब विधानसभा चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस पार्टी के चुनावी घोषणा-पत्र (मैनिफेस्टो) में पंजाब के मुस्लिम समाज की समस्याओं और जायज मांगों को शामिल करवाने के लिए उचित स्तर पर प्रयास किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि समाज के विभिन्न वर्गों की समस्याओं को राजनीतिक मंच पर उठाना और उनके समाधान के लिए प्रयास करना जरूरी है। रजिया सुल्ताना के इस आश्वासन को मुस्लिम संगठन पंजाब के प्रतिनिधियों ने सकारात्मक पहल बताते हुए उम्मीद जताई कि आने वाले समय में मुस्लिम समाज के मुद्दों को उचित राजनीतिक प्राथमिकता मिलेगी और उनकी समस्याओं के समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे। इस अवसर पर मुस्लिम संगठन पंजाब के पदाधिकारी अमजद अली खान, वारिस मलिक, सैयद यासीन,खुर्शीद अहमद सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। बैठक का उद्देश्य मुस्लिम समाज की आवाज को राजनीतिक नेतृत्व तक पहुंचाना और आगामी विधानसभा चुनाव के दौरान समुदाय की समस्याओं एवं मांगों को चुनावी एजेंडे का हिस्सा बनवाने के लिए प्रयास करना रहा।

