
बठिंडा: नगर निगम बठिंडा के मेयर पदमजीत सिंह मेहता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार की ‘मेरी दुकान, मेरा नाम’ स्कीम के तहत बठिंडा नगर निगम की दुकानों में सालों से कारोबार कर रहे किराएदारों को मालिकाना हक देने का प्रोसेस शुरू करने का ऐलान किया गया है।
नगर निगम की कुल 389 किराए की दुकानों में कारोबार करने वाले योग्य दुकानदार इस स्कीम का फायदा उठा सकेंगे। इस बीच इस स्कीम के बारे में और जानकारी देते हुए मेयर पदमजीत सिंह मेहता ने कहा कि जो दुकानदार इस स्कीम के तहत तय शर्तें पूरी करेंगे, वे अपनी दुकानों को अपने नाम पर रजिस्टर्ड करा सकेंगे।
मेयर ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और पार्टी के नेशनल कन्वीनर अरविंद केजरीवाल का भी शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि पंजाब सरकार ने व्यापारियों और दुकानदारों के फायदे को ध्यान में रखते हुए यह स्कीम शुरू की है। इसका मकसद नगर निगम की दुकानों में लंबे समय से कारोबार कर रहे योग्य किराएदारों को मालिकाना हक हासिल करने का मौका देना है।
मेयर पदमजीत सिंह मेहता ने कहा कि जो योग्य दुकानदार इस स्कीम का फायदा उठाना चाहते हैं, उन्हें 5 नवंबर, 2026 से पहले अपनी एप्लीकेशन जमा करनी होगी। उन्होंने साफ किया कि इस स्कीम के तहत पहले अलॉटी, यानी जिस किराएदार को दुकान शुरू में अलॉट की गई थी। उसके वारिस भी अप्लाई कर सकते हैं। इसके लिए वसीयत होना जरूरी नहीं है।
स्कीम की तय समय सीमा के मुताबिक, 1 अप्रैल, 2008 से 1 अप्रैल, 2020 के समय में दुकान में कारोबार करने वाले योग्य दुकानदार इसका फायदा उठाने के लिए अप्लाई कर सकेंगे। हालांकि, आखिरी एलिजिबिलिटी संबंधित सरकारी नियमों, डॉक्यूमेंट्स और वेरिफिकेशन के आधार पर तय की जाएगी।
मेयर ने कहा कि स्कीम के तहत किराया तय करने वाली कमेटी द्वारा तय मार्केट वैल्यू का 10 परसेंट एप्लीकेशन के साथ जमा करना होगा। इसके बाद एप्लीकेशन की जांच के लिए दो स्क्रीनिंग कमेटियां बनाई गई हैं। पहली कमेटियां नगर निगम बठिंडा लेवल पर और दूसरी SDM लेवल पर होंगी।
उन्होंने कहा कि संबंधित कमेटियों द्वारा डॉक्यूमेंट्स और एलिजिबिलिटी की जांच की जाएगी। नगर निगम के बकाया चार्ज और दूसरी देनदारियों का पेमेंट करने के बाद एलिजिबल एप्लीकेंट दुकान का रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए एलिजिबल होंगे।
मेयर ने कहा कि इस स्कीम के तहत दुकानदारों की आर्थिक स्थिति के हिसाब से मार्केट वैल्यू का अलग-अलग परसेंट तय किया गया है। इसका मकसद अलग-अलग इनकम ग्रुप के एलिजिबल दुकानदारों को स्कीम का फायदा देने का इंतजाम करना है। तय कैटेगरी के हिसाब से फीस इस तरह होगी…
इकोनॉमिकली वीकर सेक्शन (EWS): जिनकी सालाना इनकम 3 लाख रुपये से कम है, उन्हें मार्केट वैल्यू का 12 परसेंट जमा करके रजिस्ट्रेशन करवाने का प्रोविजन होगा।
लो इनकम सेक्शन (LIG): मार्केट वैल्यू का 25 परसेंट चार्ज तय किया गया है।
मीडियम इनकम सेक्शन: जिनकी सालाना इनकम 8 लाख रुपये से 15 लाख रुपये के बीच है, उन्हें मार्केट वैल्यू का 50 परसेंट जमा करना होगा।
हाई इनकम सेक्शन: इस कैटेगरी के एलिजिबल एप्लीकेंट्स को मार्केट वैल्यू का 100 परसेंट पेमेंट करना होगा।
पेमेंट प्रोसेस के बारे में जानकारी देते हुए मेयर ने बताया कि दुकान अलॉट होने के सात दिनों के अंदर तय रकम का 50 परसेंट जमा करना होगा। बाकी 50 परसेंट रकम अगले दो महीनों के अंदर जमा करनी होगी। अगर कोई एप्लीकेंट दो महीने के तय समय में पूरी रकम जमा नहीं कर पाता है, तो उसे अगले 90 दिनों के अंदर 12 परसेंट पेनल्टी के साथ बकाया रकम जमा करने का मौका मिलेगा। इसके बाद भी अगर तय शर्तों के मुताबिक पेमेंट नहीं किया जाता है, तो दुकान नगर निगम को वापस कर दी जाएगी।
मेयर पदमजीत सिंह मेहता ने बताया कि इस स्कीम के तहत उन्हें 5 परसेंट डिस्काउंट दिया जाएगा, जो बेनिफिशियरी तय पेमेंट पीरियड से पहले पूरी रकम जमा करेंगे। इसके अलावा सीनियर सिटिजन और महिलाओं के लिए 10 परसेंट डिस्काउंट का भी प्रोविजन है।
एलिजिबल दुकानदार स्कीम की शर्तों को ध्यान से समझ लें और समय पर अप्लाई करें और तय समय में जरूरी डॉक्यूमेंट्स और पेमेंट से जुड़ी फॉर्मैलिटीज पूरी करें।
मेयर ने साफ किया कि स्कीम का फायदा सिर्फ एलिजिबल किराएदारों को ही तय नियमों के तहत मिलेगा, जो दुकानें किराए पर नहीं हैं, उन्हें इस स्कीम के दायरे में शामिल नहीं किया जाएगा। इसके अलावा म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन, MC, MP, MLA के कर्मचारी और उनके करीबी रिश्तेदार भी इस स्कीम के तहत एलिजिबल नहीं होंगे।
उन्होंने कहा कि बठिंडा म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन की कुल 389 दुकानें किराए पर हैं, जिनके एलिजिबल किराएदार स्कीम के नियमों के मुताबिक मालिकाना हक के लिए अप्लाई कर सकेंगे, जिला परिषद की दुकानों को अभी इस स्कीम में शामिल नहीं किया गया है। इन दुकानों में बिजनेस करने वाले दुकानदारों को भी स्कीम का फायदा मिल सके। इसके लिए वह उनकी मांग पंजाब सरकार तक पहुंचाने की कोशिश करेंगे।
उन्होंने योग्य दुकानदारों से अपील की कि वे स्कीम के तहत तय डेडलाइन का ध्यान रखें, समय पर एप्लीकेशन जमा करें और छूट से जुड़े डॉक्यूमेंट्स, फीस और शर्तों को संबंधित डिपार्टमेंट से कन्फर्म कर लें, ताकि एप्लीकेशन प्रोसेस के दौरान उन्हें किसी तरह की मुश्किल का सामना न करना पड़े।
📍 Location: Bathinda