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प्रदेशभर में राष्ट्रीय लोक अदालत आयोजित: 366 बेंचों ने 3.76 लाख से अधिक मामलों की सुनवाई

चंडीगढ़: प्रदेशभर में लंबित मामलों के बैकलॉग को कम करने और अधिक से अधिक मामलों का सुचारू रूप से निपटारा करने के प्रयासों के तहत, नेशनल लीगल सर्विसेज अथॉरिटी के नेतृत्व में पंजाब राज्य कानूनी सेवाएं प्राधिकरण ने आज पूरे राज्य में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया। इस मेगा इवेंट का नेतृत्व पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के जज और राज्य प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष, माननीय जस्टिस गुरमीत सिंह संधावालिया ने किया, जिसका उद्देश्य पंजाब राज्य में लंबित मामलों का प्रभावी रूप से निपटारा करना था। इस राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान 22 जिलों में 366 लोक अदालत बेंचों का गठन किया गया, जिनमें निपटारे के लिए 3,76,000 से अधिक मामले प्रस्तुत किए गए।

कानूनी सेवाएं प्राधिकरणों द्वारा आयोजित इस राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्देश्य केवल लंबित मामलों के बोझ को कम करना ही नहीं है, बल्कि मुकदमेबाजी से पहले ही मामलों का निपटारा करने को प्रोत्साहित करना भी है। यह प्रक्रिया पारंपरिक मुकदमेबाजी के लिए एक तेज़ और लागत-प्रभावी विकल्प प्रदान करती है, जो सौहार्दपूर्ण समझौतों की सुविधा देती है। लोक अदालतों के व्यापक लाभ हैं। इससे समय की बचत होती है और मुकदमेबाजों पर वित्तीय बोझ कम होता है, क्योंकि जिन मामलों का निपटारा किया जाता है, उनकी अदालत शुल्क वापस कर दी जाती है। इसके अलावा, चूंकि इन अदालतों में मामलों का निपटारा दोनों पक्षों की सहमति से किया जाता है, इसलिए निर्णय को अंतिम और बाइडिंग बनाने के लिए अपील दायर करने का कोई विकल्प नहीं होता, जिससे दोनों पक्षों को लाभ होता है।

पंजाब राज्य कानूनी सेवाएं प्राधिकरण के सदस्य सचिव ने बताया कि मुफ्त कानूनी सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 15100 राज्यभर में कार्यशील है और यह सुविधा आम जनता के लिए 24 घंटे उपलब्ध है। इस सेवा का उद्देश्य आम लोगों को मुफ्त कानूनी सहायता प्रदान करना है। उन्होंने आगे बताया कि पंजाब राज्य कानूनी सेवाएं प्राधिकरण लोक अदालतों के माध्यम से अधिक से अधिक मामलों के समाधान के लिए हर संभव प्रयास करने के लिए प्रतिबद्ध है।

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