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अमृतसर लौटे Navjot Sidhu, पत्नी ने नेता राजा वडिंग पर फिर लगाए गंभीर आरोप

अमृतसर: पंजाब कांग्रेस में अंदरूनी विवादों ने नया मोड़ ले लिया है। पूर्व क्रिकेटर और कांग्रेस नेता नवजोत सिद्धू मुंबई से अमृतसर लौट आए हैं। सिद्धू के आगमन के साथ ही उनके घर पर समर्थकों की भीड़ जमा हो गई, जो उनकी अगुवाई में बैठकों और रणनीति पर चर्चा कर रहे हैं।

सिद्धू की पत्नी डॉ. नवजोत कौर ने इस राजनीतिक उथल-पुथल को और बढ़ा दिया है। उन्होंने पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष राजा वडिंग, सांसद सुखजिंदर रंधावा, और नेता विपक्ष प्रताप सिंह बाजवा सहित कई नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कौर ने दावा किया कि यदि नवजोत सिद्धू को मुख्यमंत्री का चेहरा नहीं बनाया गया, तो वह सक्रिय राजनीति में कदम नहीं रखेंगी।

500 करोड़ की “सीएम अटैची” और गुजरात का मामला

डॉ. नवजोत कौर ने खुलासा किया कि मुख्यमंत्री बनने के लिए 500 करोड़ रुपये की “अटैची” की जरूरत बताई गई। साथ ही उन्होंने राजा वडिंग पर गंभीर आरोप लगाए कि उन्हें गुजरात से टिकट बेचने के कारण बाहर किया गया था और उसी पैसे से महंगी गाड़ियां और जमीन खरीदी गई। कौर ने सवाल उठाया कि क्या राजा वडिंग अब IT जांच और स्पष्टीकरण देने को तैयार हैं।

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कांग्रेस में अनियमितताएं और टिकट वितरण पर सवाल

कौर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस अध्यक्ष ने उम्मीदवारों को नुकसान पहुंचाने और पार्टी के खिलाफ काम करने वालों को संरक्षण दिया। उन्होंने कहा कि अमृतसर के 5 विधायक उस व्यक्ति के खिलाफ थे, लेकिन 34 वरिष्ठ नेताओं की राय को नजरअंदाज कर उन्हें अध्यक्ष बना दिया गया। कौर ने यह भी कहा कि पार्टी में उनके प्रभाव वाले लगभग 70% नेता उनके साथ हैं और जीत सुनिश्चित करने वाले उम्मीदवार हैं।

सोशल मीडिया और कानूनी कार्रवाई

नवजोत कौर ने सोशल मीडिया पर राजा वडिंग और अमृतसर कांग्रेस अध्यक्ष मिट्ठू मदान को निशाने पर लिया। उन्होंने मदान को 10 करोड़ रुपये का मानहानि नोटिस भेजा, साथ ही 48 घंटे के भीतर उनके खिलाफ भ्रामक सामग्री हटाने और लिखित माफी देने को कहा। मदान ने माफी देने से इंकार किया, लेकिन कौर ने कहा कि उनके आरोप इन्वेस्टिगेटिव तथ्यों पर आधारित हैं।

पार्टी हाईकमान की प्रतिक्रिया

पंजाब कांग्रेस के प्रभारी भूपेश बघेल ने कहा कि अनुशासनहीनता के चलते नवजोत कौर को नोटिस भेजा गया और उन्हें निलंबित कर दिया गया। पार्टी का स्पष्ट संदेश है कि अनुशासन से बड़ा कोई नियम नहीं है। हाईकमान ने इस पूरे मामले में बघेल से रिपोर्ट मांगी है।

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