चंडीगढ़: पंजाब कांग्रेस में जारी राजनीतिक उथल-पुथल थमने का नाम नहीं ले रही है। पूर्व विधायक और कांग्रेस की वरिष्ठ नेता डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने अमृतसर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मिट्ठू मदान को कानूनी नोटिस भेजा है। यह कदम उनके खिलाफ मदान द्वारा किए गए कथित विवादित और अपमानजनक बयानों के जवाब में उठाया गया।
भ्रामक बयान से सार्वजनिक छवि को नुकसान
डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने नोटिस में कहा है कि मिट्ठू मदान का बयान झूठा और भ्रामक है और इससे उनकी व्यक्तिगत और राजनीतिक छवि को गंभीर नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि यह बयान राजनीतिक मर्यादाओं के खिलाफ है और जानबूझकर उन्हें अपमानित करने के उद्देश्य से दिया गया।
सात दिन में माफी की चेतावनी
नोटिस में स्पष्ट कहा गया है कि मिट्ठू मदान को सात दिन के भीतर सार्वजनिक रूप से बिना शर्त माफी मांगनी होगी। अगर इस समयसीमा में माफी नहीं दी गई, तो इसे उनके द्वारा जिम्मेदारी नहीं लेने के समान माना जाएगा। इसके साथ ही डॉ. सिद्धू ने चेतावनी दी है कि वह मानहानि का मुकदमा दायर करने के साथ आर्थिक हर्जाना भी मांग सकती हैं।
यह विवाद तब शुरू हुआ जब कांग्रेस से नवजोत कौर सिद्धू के निष्कासन के बाद मिट्ठू मदान ने उन पर आरोप लगाया कि 2017 में टिकट दिलाने के एवज में कई काउंसलरों से 10-15 लाख रुपये की वसूली की गई थी। मदान ने दावा किया कि उनके पास इस संबंध में साक्ष्य भी मौजूद हैं और वे इसे सार्वजनिक करेंगे। नवजोत कौर ने इसे “झूठ और राजनीतिक षड्यंत्र” करार दिया।
रंधावा पर भी लगाए गंभीर आरोप
नवजोत कौर सिद्धू ने गुरदासपुर के कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा पर भी आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि रंधावा के कुछ लोगों के साथ संदिग्ध संबंध हैं और उन्होंने राजस्थान में पैसे लेकर टिकटें बेचीं। नवजोत सिद्धू ने इसे पार्टी में विश्वासघात और राजनीतिक साजिश बताया।
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पार्टी में बयानबाजी का असर
इस विवाद की शुरुआत तब हुई थी जब नवजोत कौर ने कहा था कि “कांग्रेस में मुख्यमंत्री वही बनता है जो 500 करोड़ रुपये की अटैची देता है।” उनके इस बयान ने पंजाब कांग्रेस में हलचल मचा दी और इसके बाद उन्हें पार्टी ने सस्पेंड कर दिया। नवजोत कौर ने इस कदम को भी राजनीतिक षड्यंत्र करार दिया।

