जीरकपुर: नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने नशे के खिलाफ बड़ी सफलता प्राप्त करते हुए एक ट्रक से करीब 5 लाख ट्रामाडोल गोलियां बरामद की हैं। ट्रामाडोल प्रतिबंधित दवा की श्रेणी में आती है और इसका दुरुपयोग नशे के रूप में व्यापक रूप से किया जाता है। यह ऑपरेशन एनसीबी के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

एनसीबी की ओर से इस कार्रवाई का नेतृत्व परमजीत सिंह कुंडू कर रहे थे। उन्होंने जानकारी दी कि उन्हें कुछ समय से इन प्रतिबंधित दवाओं की अवैध सप्लाई को लेकर लगातार गुप्त सूचनाएं मिल रही थीं। सूचनाओं के आधार पर पिछले एक महीने से टीम इस पूरे नेटवर्क की गतिविधियों पर कड़ी नजर बनाए हुए थी।
कुंडू ने बताया कि उन्हें पुख्ता जानकारी मिली कि देहरादून से अमृतसर की ओर जाने वाला एक ट्रक ट्रामाडोल जैसी प्रतिबंधित दवाओं की भारी खेप लेकर जा रहा है। इस सूचना के बाद 200 फीट रोड पर पहलवान ढाबे के पास नाकाबंदी की गई। जांच के दौरान संदिग्ध ट्रक को रोका गया और गहन चेकिंग में इसमें से बड़ी मात्रा में ट्रामाडोल की गोलियां बरामद हुईं।
उन्होंने कहा कि यह केवल एक खेप नहीं, बल्कि देशभर में सक्रिय एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा है, जो प्रतिबंधित दवाइयों को गुप्त तरीके से अलग-अलग राज्यों में भेजकर नशे के कारोबार को बढ़ावा दे रहा है। यह नेटवर्क अत्यंत संगठित तरीके से काम करता है और कई राज्यों में इसकी जड़ें फैली हुई हैं। एनसीबी पिछले एक महीने से इसी नेटवर्क को ट्रैक कर रही थी।
इस कार्रवाई में जीरकपुर पुलिस का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। मौके पर एएसआई सतेंद्र सिंह और धर्म सिंह मौजूद रहे, जिन्होंने एनसीबी टीम के साथ मिलकर पूरी कार्रवाई को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।
एनसीबी अधिकारियों का कहना है कि बरामद की गई ट्रामाडोल गोलियों की मात्रा इतनी अधिक है कि इसका इस्तेमाल हजारों लोगों को नशे की गिरफ्त में धकेल सकता था। एजेंसी अब इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान करने और पूरे रैकेट को ध्वस्त करने की दिशा में काम कर रही है।
पुलिस और एनसीबी की संयुक्त कार्रवाई ने एक बार फिर साफ किया है कि प्रशासन नशे के कारोबार को जड़ से खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में ऐसे ऑपरेशनों में और भी तेजी लाई जाएगी, ताकि प्रदेश और आसपास के राज्यों में नशे की सप्लाई चेन को पूरी तरह तोड़ा जा सके।