Last Updated: November 5, 2026

Dainik Savera Times Logo

मोहाली में बनेगा 29 करोड़ का ‘न्यूरॉन 2.0’ टेक्नोलॉजी इन्क्यूबेशन सेंटर

October 15, 2026

मोहाली में बनेगा 29 करोड़ का ‘न्यूरॉन 2.0’ टेक्नोलॉजी इन्क्यूबेशन सेंटर

पंजाब को टेक्नोलॉजी आधारित उद्यमिता का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में पंजाब सरकार ने एक अहम कदम उठाया है। पंजाब सरकार ने सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके तहत मोहाली स्थित एसटीपीआई परिसर में ‘स्टार्टअप पंजाब हब ‘न्यूरॉन 2.0’ स्थापित किया जाएगा।

करीब 29 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह आधुनिक टेक्नोलॉजी इन्क्यूबेशन सेंटर खास तौर पर साइबर सिक्योरिटी और नई पीढ़ी की तकनीकों पर आधारित स्टार्टअप्स को बढ़ावा देगा।

न्यूरॉन 1.0 ने तैयार किए 114 स्टार्टअप

मंत्रालय के अनुसार, न्यूरॉन 1.0 के तहत 114 स्टार्टअप्स को इन्क्यूबेशन सहायता मिली। इस दौरान 158 उत्पाद और 171 प्रोटोटाइप विकसित किए गए तथा करीब 2,700 रोजगार के अवसर पैदा हुए। बताया गया कि पहले चरण से जुड़े स्टार्टअप्स ने कुल 251 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित किया और इन कंपनियों का संयुक्त मूल्यांकन करीब 2,890 करोड़ रुपये तक पहुंचा।

पंजाब सरकार देगी 12 करोड़, एसटीपीआई लगाएगा 17 करोड़

न्यूरॉन 2.0 परियोजना के लिए पंजाब सरकार की ओर से सैद्धांतिक रूप से 12 करोड़ रुपये की सहायता का प्रावधान किया गया है, जबकि एसटीपीआई की ओर से 17 करोड़ रुपये का योगदान दिया जाएगा। पंजाब सरकार के मुताबिक, इस केंद्र का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में कम से कम 50 स्टार्टअप्स को विकसित करना और उभरती तकनीकों में करीब 2,000 पेशेवरों को प्रशिक्षित करना है। पात्र स्टार्टअप्स को स्टार्टअप पंजाब के साथ पंजीकरण कराने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा, जिससे उन्हें राज्य की स्टार्टअप नीति के तहत उपलब्ध सुविधाओं का लाभ मिल सके।

न्यूरॉन 2.0 की खासियत होगी साइबर सिक्योरिटी

न्यूरॉन 2.0 में मौजूदा तकनीकी क्षेत्रों के साथ साइबर सिक्योरिटी को प्रमुख डोमेन के रूप में जोड़ा जाएगा। केंद्र में एक विशेष साइबर सिक्योरिटी लैब भी स्थापित की जाएगी। यहां स्टार्टअप्स को उत्पाद विकसित करने, तकनीकी प्रयोग करने और नई तकनीकों का परीक्षण करने के लिए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। इसके आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा एनालिटिक्स, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, ऑडियो-विजुअल ग्राफिक्स, साइबर सिक्योरिटी प्रमुख है।

इन्क्यूबेशन से प्रोडक्ट कमर्शियलाइजेशन तक सहायता

न्यूरॉन 2.0 को सिर्फ स्टार्टअप ऑफिस स्पेस के तौर पर नहीं, बल्कि एक व्यापक इनोवेशन प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित करने की योजना है। यहां स्टार्टअप्स को इन्क्यूबेशन, मेंटरशिप, आधुनिक तकनीकी इंफ्रास्ट्रक्चर, स्किल डेवलपमेंट, उत्पादों के व्यावसायीकरण और उद्योग जगत से संपर्क जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। समझौते के तहत एसटीपीआई केंद्र के संचालन और प्रबंधन की जिम्मेदारी संभालेगा।

इसके अलावा साइबर सिक्योरिटी लैब के रखरखाव और विभिन्न आउटरीच कार्यक्रमों का आयोजन भी एसटीपीआई करेगा। स्टार्टअप्स और तकनीकी प्रतिभाओं को जोड़ने के लिए हैकाथॉन, बूटकैंप और इन्वेस्टर-कनेक्ट कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

तीन स्तरों पर होगी स्किल ट्रेनिंग

न्यूरॉन 2.0 के तहत तकनीकी प्रशिक्षण को तीन स्तरों में विभाजित किया जाएगा फाउंडेशन, इंटरमीडिएट और एक्सपर्ट लेवल। इसका उद्देश्य छात्रों और पेशेवरों को उभरती तकनीकों की बुनियादी जानकारी से लेकर विशेषज्ञ स्तर की क्षमताओं तक प्रशिक्षित करना है।

सरकारी स्कूल-कॉलेज के छात्रों को भी मिलेगा अवसर

इस पहल के तहत प्रशिक्षण का दायरा केवल स्टार्टअप संस्थापकों और तकनीकी पेशेवरों तक सीमित नहीं रहेगा। सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों तथा कॉलेजों के विद्यार्थियों को भी प्रशिक्षण और तकनीकी कार्यक्रमों से जोड़ने की योजना है।

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें