पंजाब डेस्क: लुधियाना में शिक्षा के अधिकार (RTE) अधिनियम के पालन को लेकर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन ने जिले के सभी निजी अनएडेड स्कूलों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) और वंचित समूहों के बच्चों के लिए 25 प्रतिशत सीटों का आरक्षण हर हाल में लागू किया जाए।
डिप्टी कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि RTE एक्ट के सेक्शन 12(1)(c) के तहत यह प्रावधान बच्चों के शिक्षा के मौलिक अधिकार की सुरक्षा के लिए है। किसी भी स्कूल द्वारा नियमों की अनदेखी करने पर प्रशासन सख्त कार्रवाई करेगा।
12 जनवरी तक रजिस्ट्रेशन अनिवार्य
जिला प्रशासन ने बताया कि स्कूल शिक्षा निदेशालय द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार सभी पात्र स्कूलों को 12 जनवरी 2026 तक RTE के सरकारी पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही स्कूलों को एंट्री लेवल कक्षाओं की सीटों की संख्या, ट्यूशन फीस और मान्यता प्रमाण पत्र (COR) नंबर से संबंधित सही व पूरी जानकारी पोर्टल पर अपलोड करनी होगी।
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अतिरिक्त फीस लेने पर रोक
प्रशासन ने यह भी साफ किया है कि RTE के तहत दाखिले के दौरान ट्रांसपोर्ट फीस के अलावा किसी भी तरह की कैपिटेशन फीस या स्क्रीनिंग फीस लेना पूरी तरह प्रतिबंधित है। नियमों का उल्लंघन करने या तय समय सीमा में रजिस्ट्रेशन न करने वाले स्कूलों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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जिला प्रशासन ने सभी स्कूल प्रबंधन से अपील की है कि वे समय रहते नियमों का पालन करें, ताकि पात्र बच्चों को शिक्षा का अधिकार बिना किसी बाधा के मिल सके।
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