चंडीगढ़: पहाड़ी क्षेत्रों के साथ—साथ मैदानी क्षेत्रों में भी अत्यधिक बारिश के चलते पंजाब में आई भयंकर बाढ़ की त्रासदी ने जनजीवन को अस्त—व्यस्त कर दिया। खेत पानी में डूब गए और लोगों को अपने घरों को छोड़ राहत शिविरों में शरण लेनी पड़ी। यह संकट सिर्फ पंजाब का नहीं बल्कि पूरे उत्तर भारत का है। ऐसे कठिन समय में हरियाणा ने इंसानियत का सबसे बड़ा परिचय देते हुए अपने पड़ोसी राज्य पंजाब की मदद के लिए हाथ बढ़ाया है।
हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश में आई बाढ़ की विकट स्थिति के दौरान अद्वितीय नेतृत्व और संवेदनशीलता का परिचय दिया। उन्होंने बिना थके और बिना रुके प्रदेशभर के बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों का लगातार दौरा किया, स्थिति का जायजा लिया और प्रभावित लोगों की समस्याओं को नजदीक से समझा। मुख्यमंत्री ने प्रशासन और संबंधित विभागों के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि राहत और बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने यह भी सुनिश्चित किया कि हर जरूरतमंद परिवार तक समय पर सहायता सामग्री, चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विशेष अपील जारी कर प्रदेशवासियों से बाढ़ पीड़ितों की मदद करने का आह्वान किया। इस आह्वान का असर भी दिखाई दिया और देखते ही देखते हरियाणा के अलग-अलग जिलों से राहत सामग्री पंजाब के बाढ़ प्रभावित इलाकों की ओर रवाना होने लगी। ट्रकों में भरकर भेजी जा रही इस सामग्री में आटा, चावल, दाल, दूध पाउडर, दवाइयाँ, कपड़े, कंबल और पीने का साफ पानी शामिल है।
राहत के इस अभियान में सिर्फ सरकारी स्तर पर ही नहीं बल्कि सामाजिक संस्थाओं और आम लोगों ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया है। कोई अपने घर से राशन निकालकर दे रहा है, तो कोई कपड़े और दवाइयाँ लेकर राहत शिविरों तक पहुँच रहा है। हरियाणा के युवाओं ने खुद आगे आकर पैकेट तैयार किए और उन्हें बाढ़ पीड़ितों तक पहुँचाने के लिए ट्रकों में लादा। यह दृश्य अपने आप में दर्शाता है कि जब इंसानियत की बात आती है, तो सीमाएँ और सरहदें छोटी हो जाती हैं।
बाढ़ से प्रभावित पंजाब के लोगों ने हरियाणा से मिली इस मदद को राहत की बड़ी किरण बताया। उनके चेहरे पर हरियाणा से पहुँची मदद ने मुस्कान ला दी। कई बुजुर्गों ने आँसू भरी आँखों से कहा – “यह सिर्फ मदद नहीं, भाईचारे की सच्ची मिसाल है।” हरियाणा के अनेक सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ता बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत सामग्री पहुंचाने का काम कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि संकट की घड़ी में इंसानियत से बढ़कर कोई धर्म नहीं होता। हरियाणा और पंजाब सिर्फ पड़ोसी राज्य नहीं बल्कि भाई-भाई हैं। उन्होंने कहा कि जब एक प्रदेश आपदा रूपी संकट से जूझ रहा हो तो दूसरा प्रदेश कैसे चुप बैठ सकता हैं। हमारे गुरुओं ने हमे सिखाया है कि “किरत करो, वंड छको”। हरियाणा ने गुरुओं की इसी भावना को अपनाया। हरियाणा से पहुँची मदद ने बाढ़ प्रभावित लोगों को यह भरोसा दिलाया है कि वे अकेले नहीं हैं। इंसानियत की इस डोर ने दोनों राज्यों को और मज़बूती से जोड़ दिया है। यह सिर्फ राहत सामग्री नहीं, बल्कि उम्मीद, भरोसे और भाईचारे का पैगाम है, जो आने वाली पीढ़ियों तक मिसाल बनेगा।

