अमृतसर: जिले के ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों तक कानूनी सहायता एवं जागरूकता पहुंचाने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए), अमृतसर ने नई पहल शुरू की है। पंजाब राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशों के तहत डीएलएसए को एक ट्रैवलर वैन उपलब्ध कराई गई है, जिसका इस्तेमाल मोबाइल कानूनी सेवा एवं जागरूकता मंच के रूप में किया जाएगा।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष डीएलएसए अमृतसर जतिंदर कौर ने न्यायिक अधिकारियों, कर्मचारियों और पैरा-लीगल वालंटियर्स की मौजूदगी में वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस पहल का उद्देश्य उन लोगों तक कानूनी सेवाएं पहुंचाना है, जिन्हें दूरी, आर्थिक स्थिति या जानकारी के अभाव के कारण न्यायिक संस्थानों तक पहुंचने में कठिनाई होती है।
गांवों तक पहुंचेगी कानूनी सहायता
ट्रैवलर वैन के माध्यम से जिले के विभिन्न गांवों और अन्य क्षेत्रों में कानूनी जागरूकता शिविर, सहायता कैंप और कानूनी सेमिनार आयोजित किए जाएंगे। लोगों को मुफ्त कानूनी सहायता, उनके अधिकारों, लोक अदालत, मध्यस्थता, पीड़ित मुआवजा और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा महिलाओं, बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों, अपराध पीड़ितों, बंदियों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए उपलब्ध कानूनी सेवाओं के बारे में भी लोगों को जागरूक किया जाएगा।
जरूरतमंदों को उचित कानूनी मंच से जोड़ा जाएगा
डीएलएसए अमृतसर के सचिव अमरदीप सिंह बैंस ने कहा कि मोबाइल वैन का मुख्य उद्देश्य कानूनी संस्थानों और आम जनता के बीच की दूरी कम करना है। उन्होंने कहा कि इसके जरिए जरूरतमंद लोगों की पहचान कर उन्हें प्रारंभिक कानूनी मार्गदर्शन देने के साथ-साथ पात्र व्यक्तियों को मुफ्त कानूनी सहायता उपलब्ध कराने वाली व्यवस्था से जोड़ा जाएगा। उन्होंने बताया कि गांवों, शिक्षण संस्थानों, सामुदायिक केंद्रों, सुधार गृहों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर संवादात्मक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। इनमें पारिवारिक विवाद, घरेलू हिंसा, महिलाओं एवं बच्चों के अधिकार, उपभोक्ता मामले, साइबर अपराध, मोटर दुर्घटना दावे और मध्यस्थता जैसे विषयों पर जानकारी दी जाएगी।
कमजोर वर्गों पर विशेष ध्यान
अधिकारियों के अनुसार मोबाइल आउटरीच कार्यक्रम के दौरान समाज के ऐसे वर्गों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जिन्हें कानूनी सहायता की अधिक आवश्यकता है। केवल जागरूकता फैलाने के बजाय जरूरतमंद व्यक्तियों की समस्याओं को समझकर उन्हें संबंधित कानूनी सेवा संस्थान या पैनल अधिवक्ता तक पहुंचाने की व्यवस्था भी की जाएगी। जिला एवं सत्र न्यायाधीश जतिंदर कौर ने कहा कि कानूनी सेवाओं का उद्देश्य केवल अदालत पहुंचने के बाद सहायता देना नहीं है। लोगों को उनके अधिकारों और उपलब्ध कानूनी उपायों की जानकारी पहले से मिलना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
इस अवसर पर अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश बलजिंदर सिंह, एसीजेएम परमिंदर कौर, सीजेएम सुप्रीत कौर, डीएलएसए सचिव अमरदीप सिंह बैंस सहित न्यायिक अधिकारी और पैरा-लीगल वालंटियर्स मौजूद रहे। डीएलएसए के अनुसार यह मोबाइल कानूनी सेवा अभियान जिले में कानूनी जागरूकता को व्यापक स्तर तक पहुंचाने और पात्र लोगों के लिए न्याय तक पहुंच को अधिक सरल बनाने की दिशा में काम करेगा।

