मोगा। जिला मोगा में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने और साइबर कैफे के माध्यम से होने वाली किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखने के उद्देश्य से जिला मजिस्ट्रेट-कम-डिप्टी कमिश्नर सागर सेतिया ने साइबर कैफे संचालकों के लिए महत्वपूर्ण आदेश जारी किए हैं। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत जारी इन आदेशों के अनुसार अब साइबर कैफे में कंप्यूटर और इंटरनेट का इस्तेमाल करने वाले प्रत्येक व्यक्ति की पहचान सुनिश्चित करना और उसका पूरा विवरण रजिस्टर में दर्ज करना अनिवार्य होगा। ये आदेश 31 दिसंबर 2026 तक लागू रहेंगे।
जिला मजिस्ट्रेट ने स्पष्ट किया है कि साइबर कैफे संचालक किसी भी ऐसे अज्ञात व्यक्ति को अपने कैफे में कंप्यूटर इस्तेमाल करने की अनुमति न दें, जिसकी पहचान को लेकर वे संतुष्ट न हों। कैफे में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति का नाम, पता, टेलीफोन नंबर और पहचान संबंधी जानकारी उसके अपने हाथों से रजिस्टर में लिखवाना सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही संबंधित व्यक्ति द्वारा प्रस्तुत किए गए वैध पहचान पत्र के आधार पर उसकी पहचान की पुष्टि भी की जाए।
आदेशों के मुताबिक पहचान की पुष्टि के लिए पहचान पत्र, वोटर कार्ड, राशन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट अथवा फोटोयुक्त क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके अलावा साइबर कैफे संचालकों को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि प्रत्येक व्यक्ति को जिस कंप्यूटर पर काम करने की अनुमति दी गई है, उसका रिकॉर्ड भी व्यवस्थित तरीके से दर्ज किया जाए।
जिला मजिस्ट्रेट ने साइबर कैफे संचालकों को कंप्यूटरों के मेन सर्वर में एक्टिविटी सर्वर लॉग सुरक्षित रखने के निर्देश भी दिए हैं। यह रिकॉर्ड कम से कम छह महीने तक मेन सर्वर में सुरक्षित रखना अनिवार्य होगा, ताकि जरूरत पड़ने पर संबंधित गतिविधियों की जांच की जा सके। यदि किसी व्यक्ति की गतिविधियों पर संदेह होता है या कोई असामान्य गतिविधि सामने आती है तो इसकी जानकारी तुरंत संबंधित पुलिस थाने को दी जाए।
सागर सेतिया ने कहा कि मोगा जिले में बड़ी संख्या में व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और दुकानों में साइबर कैफे की सुविधाएं उपलब्ध हैं। ई-मेल भेजने, इंटरनेट इस्तेमाल करने और अन्य ऑनलाइन कार्यों के लिए प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग इन स्थानों पर पहुंचते हैं। ऐसे में इन सुविधाओं का गलत इस्तेमाल होने की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि कुछ असामाजिक तत्व, अपराधी और आतंकवादी संगठन साइबर कैफे जैसी सुविधाओं का इस्तेमाल सुरक्षा एवं जांच एजेंसियों को गुमराह करने, आम जनता में अफरा-तफरी फैलाने तथा आम लोगों, वीआईपी और सरकारी संस्थानों की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करने वाली गतिविधियों को अंजाम देने के लिए कर सकते हैं। ऐसी गतिविधियां राज्य की सुरक्षा और सामाजिक शांति को प्रभावित कर सकती हैं।
जिला मजिस्ट्रेट ने कहा कि मानव जीवन की सुरक्षा, आतंकवादी एवं असामाजिक गतिविधियों की रोकथाम और समाज में शांति बनाए रखने के लिए साइबर कैफे संचालकों का सहयोग बेहद जरूरी है। इसलिए सभी संचालक जारी निर्देशों का गंभीरता से पालन करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि को नजरअंदाज न करें।
📍 Location: मोगा

