जालंधर: पंजाब के शराब ठेकेदारों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। बता दें कि पंजाब सरकार ने बकाया शराब ठेका समूहों के लाइसेंस फीस में 3 प्रतिशत की कटौती करने का निर्णय लिया है। यह कदम उन ठेकेदारों के लिए राहत का संदेश है, जिन्होंने पहले बचे हुए समूहों को लेने में हिचकिचाहट दिखाई थी।
पंजाब में नई आबकारी नीति के तहत कुल 151 शराब समूहों का नवीनीकरण पहले ही किया जा चुका था, लेकिन 55 समूहों को ठेकेदारों ने अभी तक लेने से परहेज किया था। ठेकेदारों का कहना है कि ये समूह पर्याप्त लाभकारी नहीं थे और इस वजह से उन्होंने इन समूहों को लेने से इंकार किया। सरकार की इस नई घोषणा से ठेकेदारों की चिंता कम होगी और उन्हें कम लाइसेंस फीस पर अपने कारोबार का विस्तार करने में मदद मिलेगी।
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ठेकेदारों की मांगें और अपील
जिन जिलों में ठेका समूहों का आवंटन अब भी बाकी है, उनमें मोहाली, खरड़, कुराली, न्यू चंडीगढ़, खन्ना, लुधियाना, जालंधर ज़ोन, पटियाला ज़ोन, फिरोज़पुर ज़ोन और रोपड़ आबकारी रेंज शामिल हैं। ठेकेदारों ने सरकार से अपील की है कि ‘अंग्रेजी शराब’ के कोटे को नियमित किया जाए ताकि शराब की खुली बिक्री पर रोक सुनिश्चित हो सके।
सरकार ने 31 मार्च तक सभी बचे ठेकों का पुनः आवंटन करने का निर्देश दिया है। इससे ठेकेदारों को न केवल व्यापारिक लाभ होगा, बल्कि आबकारी विभाग के नियमों का पालन भी सुनिश्चित किया जा सकेगा।

