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मानवाधिकारों की रक्षा प्रशासन की सामूहिक जिम्मेदारी : प्रियंक

NHRC Member Reviews Human Rights Protection in Faridkot : फरीदकोट। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सदस्य ने फरीदकोट में ज़िला प्रशासन के साथ समीक्षा बैठक की। बच्चों, महिलाओं और दिव्यांगजनों से जुड़े मुद्दों और विभिन्न केंद्रीय कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा की गई।

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (नई दिल्ली) के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने आज फरीदकोट में ज़िला प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान मानवाधिकारों की सुरक्षा, सामाजिक सुरक्षा उपायों और विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के कार्यान्वयन की समीक्षा की। इस अवसर पर फरीदकोट के डिप्टी कमिश्नर श्री राहुल चाबा विशेष रूप से उपस्थित थे। इससे पहले, श्री प्रियंक कानूनगो ने टिल्ला बाबा फरीद जी में मत्था टेका और वारा भाई का, अराइयावाला कलां और सादिक गांवों का दौरा भी किया। डिप्टी कमिश्नर राहुल चाबा ने श्री प्रियंक कानूनगो का स्वागत किया और उन्हें अधिकारियों से मिलवाया।

बैठक के दौरान, श्री प्रियंक कानूनगो ने कहा कि मानवाधिकारों की सुरक्षा पूरे प्रशासन की सामूहिक ज़िम्मेदारी है, न कि केवल किसी एक विभाग की। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि हर नागरिक को बिना किसी भेदभाव या उत्पीड़न के सरकारी सेवाओं और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिलना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे जनता की शिकायतों को संवेदनशीलता से सुनें और उनका समय पर समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा जनता को दी जा रही सेवाओं और सरकारी योजनाओं की ज़मीनी स्थिति के बारे में भी जानकारी ली।

उन्होंने कहा कि सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य तभी प्राप्त किया जा सकता है जब उनका लाभ पारदर्शी और प्रभावी ढंग से हर पात्र लाभार्थी तक पहुँचे। समीक्षा बैठक के दौरान, प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना, प्रधानमंत्री रोज़गार सृजन कार्यक्रम, पीएम विश्वकर्मा योजना, आयुष्मान भारत, मिशन वात्सल्य, ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’, दिव्यांगजनों के लिए योजनाएं और शिक्षा से संबंधित कार्यक्रमों सहित विभिन्न पहलों की प्रगति के बारे में जानकारी ली गई।

इसके अलावा, POCSO एक्ट, स्कूली छात्रों की सुरक्षा, ‘सेफ स्कूल वाहन’ योजना और सामाजिक सुरक्षा से संबंधित अन्य मुद्दों पर भी चर्चा की गई। श्री कानूनगो ने संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि वे बच्चों, महिलाओं, दिव्यांगों और समाज के अन्य कमजोर वर्गों के अधिकारों की रक्षा के लिए बने कानूनों और नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे जनता की शिकायतों का समाधान करते समय समयबद्धता और पारदर्शिता को उच्च प्राथमिकता दें। उन्होंने जोर दिया कि हर प्रशासनिक कार्रवाई का उद्देश्य लोगों को न्याय, सुरक्षा और सरकारी सेवाओं तक बेहतर पहुंच प्रदान करना होना चाहिए।

इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त (सामान्य) केशव गोयल, अतिरिक्त उपायुक्त (विकास) संदीप मल्होत्रा, एसडीएम फरीदकोट श्री पुनीत शर्मा, एसडीएम कोटकापुरा एस. राजिंदर सिंह, एसडीएम जैतो श्री विक्रमजीत सिंह, एसपी जसप्रीत सिंह और सिविल सर्जन डॉ. सहित जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, जिनमें डीआरओ मैडम लवप्रीत कौर और विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी शामिल थे।

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