जालंधर: फिल्लौर से निहंगों ने 7 साल से गुलाम बनाकर रखे 2 लोगों छुड़ाया। इसका वीडियो भी सामने आया है, जो 1 दिन पहले अपलोड किया गया है। बाबा रत्न देव सेवा सोसायटी के निहंग गुज्जरों के डेरे पर पहुंचे और युवक से उसका नाम-पिता पूछा तो उसने कहा कि उसका अपना नाम मेजर है।
युवक ने खुद को फिरोजपुर के गुरुहरसहाय का रहने वाला बताया। युवक निहंग को देख भावुक हो गया और रोने लगा। उसने बताया कि उसके पिता की काफी समय पहले मौत हो गई थी। घर पर उसकी मां है। मां का पेट पालने के लिए वो निकला था। इस दौरान गुज्जर उसे अपने डेरे में ले आया तब से वह यहीं पर ही है। जालंधर के गांव लल्लियां के पास उसकी बुआ की बेटी रहती है। वह उसके पास आ रहा था लेकिन उसे काम की तलाश थी जिससे वह गुज्जरों के साथ आ गया।
पिछले 7 साल से वह घर नहीं जा पाया है। निहंग जब युवक को अपने साथ ले जाने लगे तो सराएदीन के डेरे के गुज्जरों ने विरोध शुरू कर दिया। इस बीच दोनों पक्षों में लंबी बहस हुई। इसके बाद डायल 112 पर सूचना दी गई। थाना फिल्लौर से पहुंचे पुलिस मुलाजिम दविंदर सिंह 2 युवकों को गुज्जरों के चुंगल से छुड़ाकर ले गए।
युवक को पीटने के वीडियो मिले थे
बाबा रत्न देव सेवा सोसायटी के निहंगों ने बताया कि उनको युवक की पिटाई और उसे गुलाम बनाकर काम करवाने के वीडियो मिले थे। इसके बाद वह डेरे पर पहुंचे। निहंगों ने बताया कि गुज्जरों ने 7 साल से युवक की मजबूरी का फायदा उठाया। उसकी हालत बहुत खराब थी। अब उसे रेस्क्यू कर लिया गया है और पुलिस की मदद से जल्द ही उसके परिवार को सौंप दिया जाएगा।
थाने में नहीं दी गई थी युवकों को रखने की सूचना
निहंगों ने वीडियो में दावा किया कि गुज्जरों ने युवकों को रखने की सूचना न तो फिल्लौर थाने में दे रखी थी और न ही पंचायत के सरपंच को बताया था। निहंगों ने कहा कि इस संबंध में जब गुज्जरों से पूछा तो उन्होंने उल्टा बहस की और युवक को सौंपने के पक्ष में नहीं थे। पुलिस बुलाकर युवकों को इनके चुंगल से छुड़ाना पड़ा।
बाबा रत्न देव सोसायटी तरनतारन के सिंहों ने बताया कि दूसरा युवक अपना नाम पता नहीं बता पाया। वह मंदबुद्धि है, इसलिए उसकी देखभाल सेवा सोसायटी करेगी और उसे अपने साथ तरनतारन में रखेगी। उन्होंने कहा कि उनके पास पहले से भी ऐसे लाचार और मजबूर लोग रह रहे हैं। रास्ते में अगर सोसायटी के लोगों को कोई लावारिस दिखता है तो उसे संस्था अपने पास रखती है।

