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मोगा में धान खरीद में किसानों को न हो परेशानी, ACS डीके तिवारी ने दिए दाना-दाना खरीदने के निर्देश

मोगा: पंजाब में धान खरीद और पराली प्रबंधन को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी सिलसिले में पंजाब सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) डीके तिवारी ने मंगलवार को मोगा जिले का दौरा कर खरीद व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि मंडियों में किसानों को किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए और उनकी फसल की खरीद के साथ भुगतान भी समय पर किया जाए।

इस दौरान डिप्टी कमिश्नर सागर सेतिया, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग और विभिन्न खरीद एजेंसियों के अधिकारियों के साथ बैठक कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। अधिकारियों को मंडियों में जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने और किसानों की शिकायतों का जल्द समाधान करने के निर्देश दिए गए।

मोगा में 13.5 लाख मीट्रिक टन धान खरीदने का लक्ष्य

अतिरिक्त मुख्य सचिव डीके तिवारी ने कहा कि पंजाब सरकार किसानों की मेहनत से तैयार हुई फसल का दाना-दाना खरीदने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए जिले में व्यापक प्रबंध किए गए हैं।

मोगा में इस सीजन के दौरान 13.5 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने खरीद एजेंसियों और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि खरीद प्रक्रिया को सुचारू बनाए रखने के लिए मंडियों का नियमित निरीक्षण किया जाए। उन्होंने कहा कि किसानों, आढ़तियों और मजदूरों से बातचीत कर उनकी समस्याओं को समझा जाए और उनका तुरंत समाधान किया जाए, ताकि फसल बेचने के दौरान किसी को अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े।

अनाज मंडी पहुंचकर किसानों से की बातचीत

अधिकारियों के साथ बैठक के बाद डीके तिवारी ने मोगा की अनाज मंडी का दौरा किया। यहां उन्होंने किसानों और आढ़तियों से बातचीत कर धान खरीद की स्थिति और मंडियों में उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जानकारी ली।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बारदाने सहित खरीद से जुड़ी सभी जरूरी व्यवस्थाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहें। मंडियों में किसानों के लिए सुविधाएं सुनिश्चित करने और खरीद प्रक्रिया में तेजी बनाए रखने पर भी जोर दिया गया।

डिप्टी कमिश्नर सागर सेतिया ने बताया कि जिले में स्थायी और अस्थायी मिलाकर कुल 112 मंडियां हैं। इनमें से 97 मंडियों में धान की आवक शुरू हो चुकी है। आने वाले दिनों में फसल की आमद बढ़ने की संभावना है।

पराली जलाने के बजाय उचित प्रबंधन की अपील

धान खरीद के साथ-साथ अतिरिक्त मुख्य सचिव ने जिले में पराली प्रबंधन के लिए किए जा रहे प्रयासों की भी समीक्षा की। उन्होंने किसानों से अपील की कि फसल अवशेषों को खेतों में आग लगाने के बजाय उचित तरीके से प्रबंधित करें।

उन्होंने कहा कि पराली का सही प्रबंधन मिट्टी की सेहत सुधारने और पर्यावरण को प्रदूषण से बचाने में मददगार हो सकता है। इसके लिए किसानों को जागरूक करने और उपलब्ध कृषि मशीनरी का अधिकतम इस्तेमाल करने की जरूरत है।

डीके तिवारी ने जिले में गठित नौ पराली प्रोटेक्शन फोर्स के कामकाज की समीक्षा की। इसके साथ ही बेलरों की मदद से पराली की गांठें तैयार करने, उन्हें एकत्र करने और उपयोग में लाने की व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया।

पराली जलाने की घटनाओं में 52% कमी का दावा

डिप्टी कमिश्नर सागर सेतिया ने बताया कि किसानों को पराली प्रबंधन के प्रति जागरूक करने के लिए जिले में व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। प्रशासन के अनुसार, किसानों के सहयोग और अधिकारियों की कार्रवाई के चलते पराली जलाने की घटनाओं में 52 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।

पराली जलाने की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए जिले में 197 नोडल और क्लस्टर अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। ये अधिकारी किसानों को जागरूक करने और खेतों में पराली जलाने की घटनाओं पर नजर रखने का काम कर रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि जागरूकता अभियान के जरिए किसानों को पराली के पर्यावरण अनुकूल प्रबंधन के विकल्पों के बारे में जानकारी दी जा रही है।

किसानों को सब्सिडी पर मिलीं 1,214 मशीनें

पराली प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए किसानों को कृषि मशीनरी उपलब्ध करवाई जा रही है। डिप्टी कमिश्नर के मुताबिक, जिले में किसानों को सब्सिडी पर 1,214 कृषि मशीनें दी गई हैं।

इसके अलावा सहकारिता विभाग की ओर से 386 मशीनें खरीदी गई हैं, जिन्हें किसानों के इस्तेमाल के लिए उपलब्ध करवाया गया है। इन मशीनों की मदद से फसल अवशेषों को खेतों में ही संभालने और उनका उचित प्रबंधन करने में सहायता मिल सकती है।

प्रशासन किसानों को जागरूक करने के लिए दीवारों पर संदेश लिखने और नुक्कड़ नाटकों जैसे माध्यमों का भी इस्तेमाल कर रहा है, ताकि अधिक से अधिक किसान पराली जलाने से बचें।

पराली जलाने पर निगरानी के लिए 45 टीमें तैनात

बैठक के दौरान एसएसपी सरताज सिंह चाहल ने बताया कि पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए निगरानी और गश्त करने वाली टीमों की संख्या बढ़ाकर 45 कर दी गई है।

ये टीमें विभिन्न क्षेत्रों में निगरानी कर रही हैं। इनका उद्देश्य किसानों को जागरूक करना और पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी कार्रवाई करना है।

बैठक में अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर जसपिंदर सिंह, विभिन्न एसडीएम तथा खरीद एजेंसियों, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग, कृषि विभाग और सहकारिता विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे।

📍 Location: मोगा

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