जालंधर/फिल्लौर : जालंधर ग्रामीण में अपराध पर प्रभावी अंकुश लगाने और कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए पुलिस ने निगरानी और कार्रवाई बढ़ाने की तैयारी की है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरविंदर सिंह विरक की अध्यक्षता में जिला क्राइम रिव्यू बैठक हुई, जिसमें नशा तस्करी, गैंगस्टर नैटवर्क, लंबित आपराधिक मामलों, ट्रैफिक व्यवस्था और कम्युनिटी पुलिसिंग समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों की समीक्षा की गई।
बैठक में एसपी इन्वैस्टिगेशन विनीत अहलावत, एसपी स्थानक तेजबीर सिंह, एसपी पीबीआई/ऑपरेशनल गुरप्रीत सिंह गिल के अलावा जिले के सभी डीएसपी, एसएचओ, पुलिस पोस्ट प्रभारी और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में नशा तस्करी और गैंगस्टर गतिविधियों के खिलाफ चल रही कार्रवाई की समीक्षा की गई। एसएसपी ने अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में विशेष नाकाबंदी, रात के समय पुलिस गश्त और डोमिनेशन बढ़ाने के निर्देश दिए। संदिग्ध व्यक्तियों की नियमित जांच करने और उपलब्ध आधुनिक निगरानी तकनीक का प्रभावी इस्तेमाल करने पर भी जोर दिया गया। उन्होंने नशा तस्करों के साथ-साथ भगौड़े आरोपियों (पीओ) को पकड़ने के लिए कार्रवाई में तेजी लाने के निर्देश दिए।
जमानत पर बाहर आए आरोपियों की नियमित तस्दीक और उनकी गतिविधियों पर नजर रखने को भी कहा गया। एसएसपी ने गांव स्तर पर पुलिस और आम लोगों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए विलेज डिफैंस कमेटियों (वीडीसी) की नियमित बैठकें कराने को कहा। इन बैठकों के माध्यम से ग्रामीणों की भागीदारी बढ़ाने और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना पुलिस तक समय पर पहुंचाने की व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया गया।
उन्होंने अधिकारियों को एफआईआर की सही तरीके से रजिस्ट्रेशन, मामलों की प्रभावी जांच और आपराधिक मामलों का समयबद्ध निपटारा सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों के चालान करने और जरूरत के अनुसार वाहनों को इंपाऊंड करने को कहा गया। दोपहिया वाहन चालकों की विशेष चैकिंग के साथ लोगों को यातायात नियमों और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने पर भी जोर दिया गया। एसएसपी ने राजपत्रित अधिकारियों को अपनी-अपनी सब-डिवीजन में पुलिस कर्मचारियों की भलाई से संबंधित नियमित बैठकें आयोजित करने के निर्देश दिए।
बैठक में पब्लिक सेफ्टी फर्स्ट पहल और गांव स्तर की कमेटियों के माध्यम से कम्युनिटी पुलिसिंग को और प्रभावी बनाने पर भी चर्चा हुई। अंत में एसएसपी हरविंदर सिंह विरक ने अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में पुलिसिंग गतिविधियों की व्यक्तिगत रूप से निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ प्रभावी, अनुशासित और पारदर्शी पुलिसिंग सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

