अमृतसर: भाजपा की नशे के खिलाफ जंग में भाजपा नेता अक्षय शर्मा के साथ हल्का उत्तरी के हजारों युवक जुटे ओर नशे से दूर रहने का संकल्प किया। नशा मुक्त पंजाब यात्रा का हल्का उत्तरी में स्वागत करते हुए अक्षय शर्मा ने ना केवल जागरूकता फैलाई बल्कि नशे के खिलाफ भाजपा की मुहिम को भी बल दिया। यात्रा के स्वागत हेतु मजीठा रोड बायपास पर गतका, नुक्कड़ नाटक , ढोल के साथ जागरूकता मुहिम चलाई गई वहीं यात्रा की कमान भी संभाली गई। इस दौरान अक्षय शर्मा के साथ सैकड़ों की संख्या में युवक, महिलाएं ओर नशा पीड़ित शामिल थे। जिन्होंने नशे के खिलाफ एक जुट होकर आवाज उठाई। इस दौरान यात्रा के स्वागत हेतु 100 किलो की 40 फीट की माला तैयार करवाई गई थी वहीं नुक्कड़ नाटक के जरिए भी लोगों को नशे की दलदल का अंधकार दिखाया।
अक्षय शर्मा ने इस दौरान कहा कि आज यात्रा में शामिल नौजवान किसी पार्टी के कार्यकर्ता के तौर पर नहीं, बल्कि पंजाब के नौजवान बनकर शामिल हुए हैं। पंजाब के युवाओं को इस बीमारी से बाहर निकालने के लिए आज पंजाब का हर नौजवान, बुजुर्ग और हर नागरिक एकजुट होकर नशे के खिलाफ लड़ाई लड़ रहा है। चुनावी समय में हर राजनीतिक दल अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए अलग-अलग बातें करता है। मेरा मानना है कि एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप करने का समय नहीं है। आज जरूरत है कि सभी लोग, सभी नेता और पंजाब का हर नागरिक एकजुट होकर नशे के खिलाफ लड़ाई लड़े और अपने नौजवानों को इस बीमारी से बाहर निकाले।
उन्होंने कहा कि नशे की समस्या को लेकर जो भी नेता बात कर रहा है, उसकी बात सुनी जानी चाहिए, लेकिन नशे का मुद्दा केवल राजनीतिक बयानबाजी का विषय नहीं है। पंजाब में जब तक नशा पूरी तरह खत्म नहीं होता, तब तक इस लड़ाई को लगातार जारी रखना होगा, जो लोग नशे की गिरफ्त में आ चुके हैं, वे हमारे दुश्मन नहीं हैं। वे हमारे भाई और हमारे अपने हैं। हमें उनसे नफरत नहीं, बल्कि प्यार से बात करनी होगी और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना होगा। उनके माता-पिता की स्थिति को भी समझना होगा।
नशे की बीमारी से जूझ रहे व्यक्ति की भी इच्छा होती है कि वह इस बीमारी से बाहर निकले। वह नहीं चाहता कि समाज उसे अपने से अलग कर दे या लोग उसे हर जगह ताने मारें। ऐसे लोगों को मेडिकल उपचार, नशा मुक्ति केंद्र और समाज के सहयोग की जरूरत है। हमें उनके साथ खड़े होकर उन्हें इस बीमारी से बाहर निकालने का प्रयास करना होगा।
उन्होंने कहा कि मेरा संदेश उन सभी लोगों के लिए है जो नशे की बीमारी से पीड़ित हैं कि वे खुद को अकेला न समझें, जब भी और जहां भी उन्हें मदद की जरूरत होगी, उन्हें इस बीमारी से बाहर निकालने के लिए हर संभव तरीके से उनके साथ खड़े रहेंगे।
दूसरी तरफ, जो लोग नशा बेचते हैं और युवाओं को इस दलदल में धकेलते हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जरूरत है। नशे के बड़े कारोबारियों और सप्लाई नेटवर्क को खत्म करना होगा, ताकि पंजाब के युवाओं को इस बुराई से बचाया जा सके।

