मोगा। सृजना एवं संवाद साहित्य सभा रजिस्टर्ड मोगा की ओर से पंजाब दिवस के अवसर पर स्वतंत्रता संग्राम भवन में साहित्यिक समारोह आयोजित किया गया। समारोह में पंजाबी साहित्य के प्रसिद्ध उपन्यासकार बलदेव सिंह सड़कनामा को साहित्य के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर साहित्यिक मिलन समारोह और प्रसिद्ध शायर चरणजीत समालसर के साथ रूबरू कार्यक्रम भी आयोजित किया गया, जिसमें साहित्यकारों ने साहित्य, भाषा और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार साझा किए।
समारोह के अध्यक्षमंडल में राजनीतिक नेता एवं पूर्व सूचना आयुक्त निढ़ड़क सिंह बराड़, डॉ. सुरजीत बराड़, उपन्यासकार बलदेव सिंह सड़कनामा, लोक साहित्य अकादमी के अध्यक्ष कर्नल बाबू सिंह, शायर चरणजीत समालसर और डॉ. सरबजीत कौर बराड़ शामिल रहे।
सभा की अध्यक्ष डॉ. सरबजीत कौर बराड़ ने कहा कि सृजना एवं संवाद साहित्य सभा किसी परिचय की मोहताज नहीं है। सभा लंबे समय से पंजाबी मातृभाषा के प्रचार-प्रसार के साथ सामाजिक, सांस्कृतिक, साहित्यिक और आपसी भाईचारे की भावना को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि सभा की ओर से डॉ. साहिब सिंह के विश्व प्रसिद्ध नाटक ‘लच्छू कबाड़िया’, खुशहाल जिंदगी से संबंधित कार्यक्रम, साहिबजादों की शहादत को समर्पित समारोह, महिला दिवस, स्कूली बच्चों की कार्यशालाओं और तीज जैसे कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता रहा है। इन गतिविधियों के माध्यम से सभा ने समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का प्रयास किया है।
उन्होंने बताया कि सभा ने इस वर्ष से साहित्यकारों को सम्मानित करने की नई पहल शुरू करने का निर्णय लिया है। इसी कड़ी में सबसे पहले प्रसिद्ध विद्वान और उपन्यासकार बलदेव सिंह सड़कनामा को लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड देने का फैसला किया गया। उन्होंने कहा कि साहित्य और समाज के लिए उल्लेखनीय योगदान देने वाली शख्सियतों को सम्मानित करने की यह परंपरा भविष्य में भी जारी रहेगी।
साहित्यकारों ने सड़कनामा के जीवन और साहित्यिक योगदान पर डाला प्रकाश
समारोह के दौरान डॉ. सुरजीत बराड़, चरणजीत समालसर, कर्नल बाबू सिंह और जसवीर कलसी ने उपन्यासकार बलदेव सिंह सड़कनामा के जीवन, साहित्यिक सफर और रचनात्मक योगदान पर प्रकाश डाला। इसके बाद सभा के सदस्यों, मेहमानों और साहित्यकारों ने उन्हें सम्मानित किया।
इस अवसर पर चरणजीत समालसर के साथ रूबरू कार्यक्रम आयोजित किया गया। साहित्यकारों ने उनसे विभिन्न सवाल पूछे और साहित्य सृजन, भाषा तथा अपने अनुभवों से जुड़े विषयों पर संवाद किया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित कवियों और रचनाकारों ने गीत, गजलें, कविताएं और अन्य साहित्यिक रचनाएं पेश कर माहौल को साहित्यिक रंग में रंग दिया। समारोह का मंच संचालन अध्यापिका परमिंदर कौर ने प्रभावशाली ढंग से किया। उन्होंने अपनी भाषा शैली और प्रस्तुति से लंबे समय तक चले कार्यक्रम के दौरान श्रोताओं को बांधे रखा।
अपने शहर में मिला सम्मान विशेष महत्व रखता है: सड़कनामा
सम्मान ग्रहण करने के बाद बलदेव सिंह सड़कनामा ने सभा का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उन्हें देश-विदेश तथा भाषा विभाग और साहित्यिक अकादमियों की ओर से अनेक सम्मान प्राप्त हुए हैं, लेकिन अपने शहर में साहित्यकारों और साहित्य प्रेमियों के बीच मिला यह सम्मान उनके लिए विशेष महत्व रखता है। उन्होंने सभा की इस पहल की सराहना की। उल्लेखनीय है कि बलदेव सिंह सड़कनामा अपनी साहित्यिक रचनाओं के माध्यम से पंजाबी साहित्य को समृद्ध करने में जुटे हुए हैं और उनकी पुस्तकों की संख्या सैकड़ों तक पहुंचाने का प्रयास जारी है।
इस मौके पर अमरीक सिंह सैदोके, जसवंत सिंह राउके, प्यारा सिंह चाहल, प्रेम कुमार, दिलबाग बुक्कण वाला, जसबीर सिंह कलसी, जसवीर शर्मा दद्दाहूर, कर्नल बाबू सिंह, गुरमेल सिंह बोड़े, नरेंद्र सिंह गजलगो, मंगलमीत पत्तो, तरसेम घारू गज्जणवालिया, इकबाल सिंह, अमर घोलिया, रणजीत सरांवाला, सोनी मोगा, हरभजन सिंह नागरा, अवतार सिंह करीड़, कुलविंदर सिंह, जगदेव सिंह, इशमीत सिंह, हरचरण सिंह, कुलविंदर सिंह दिलगीर, गुरमीत कड़ियाल रखड़ा, प्रेम भूषण, गुरबिंदर कौर गिल, हरदयाल सिंह, कुलदीप सिंह रुमाणा, परगट सिंह गिल बागी, निढ़ड़क सिंह बराड़, मनिंदर सिंह मोगा, दर्शन सिंह, अवतार सिंह समालसर, ज्ञान सिंह, सुखमंदर कौर, कैप्टन जसवंत सिंह पंडोरी, डॉ. जोगिंदर सिंह माहला, गुरलीन कौर गिल, लखविंदर राज कौर, हरप्रीत सिंह खीवा, भवनदीप सिंह पुरबा, स्वर्ण सिंह गिल सहित बड़ी संख्या में साहित्यकार, गणमान्य व्यक्ति और स्कूली विद्यार्थी उपस्थित रहे।
📍 Location: मोगा

