तरनतारन: युवाओं को आपदा परिस्थितियों से निपटने और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से आयोजित सात दिवसीय युवा आपदा मित्र योजना प्रशिक्षण कार्यक्रम के चौथे दिन एनएसएस स्वयंसेवकों को विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया।
यह कार्यक्रम महात्मा गांधी राज्य लोक प्रशासन संस्थान (मगसीपा), चंडीगढ़ की ओर से श्री गुरु अर्जन देव सरकारी कॉलेज, तरनतारन में आयोजित किया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान स्वयंसेवकों को आकाशीय बिजली, गरज-चमक, हीट वेव, नशा मुक्ति जागरूकता और टीम निर्माण से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम का संचालन मगसीपा की विशेषज्ञ टीम द्वारा किया गया, जिसमें कोर्स कोऑर्डिनेटर अंकुर शर्मा, आपदा प्रबंधन विशेषज्ञ सचिन शर्मा और आयुष ठाकुर सहित मास्टर ट्रेनर्स जॉनसन, कोमल और प्रेरणा शामिल रहे।
आपदा प्रबंधन सत्र में प्रतिभागियों को बिजली गिरने और तेज गर्जना के दौरान उत्पन्न होने वाले खतरों, उनके प्रभावों तथा बचाव के उपायों के बारे में विस्तार से बताया गया। प्रशिक्षकों ने सुरक्षित स्थानों की पहचान, चेतावनी संकेतों को समझने और बिजली गिरने से पहले, दौरान तथा बाद में बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी दी।
हीट वेव से संबंधित सत्र में बढ़ते तापमान और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों पर चर्चा की गई। स्वयंसेवकों को लू लगने के लक्षणों, प्राथमिक उपचार, शरीर में पानी की पर्याप्त मात्रा बनाए रखने और गर्मी के दौरान स्वास्थ्य सुरक्षा के उपायों के बारे में जागरूक किया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में नशा मुक्ति को लेकर भी विशेष जागरूकता सत्र आयोजित किया गया। इसमें युवाओं को नशीले पदार्थों के कारण होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक नुकसान के बारे में बताया गया। स्वयंसेवकों को नशे के खिलाफ समाज में जागरूकता अभियान चलाने और सकारात्मक भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया।
इसके अलावा टीम बिल्डिंग गतिविधियों के माध्यम से स्वयंसेवकों में नेतृत्व क्षमता, आपसी सहयोग, संवाद कौशल और समस्या समाधान की भावना को विकसित करने का प्रयास किया गया। समूह आधारित गतिविधियों में प्रतिभागियों ने उत्साह के साथ भाग लिया और आपदा के समय बेहतर समन्वय के महत्व को समझा।
प्रशिक्षण का उद्देश्य एनएसएस स्वयंसेवकों को आपदा प्रबंधन के लिए सक्षम बनाना और उन्हें समाज में जागरूकता फैलाने वाले जिम्मेदार युवा प्रतिनिधि के रूप में तैयार करना है।

