अमृतसर: चौथे पातशाह श्री गुरु रामदास जी के 27 अक्तूबर 2026 को मनाए जा रहे प्रकाश पर्व को लेकर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) की ओर से तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इसी क्रम में संगत के ठहरने की व्यवस्था को लेकर एसजीपीसी अधिकारियों ने अमृतसर के होटल मालिकों के साथ बैठक की। होटल मालिकों ने भरोसा दिलाया कि हर वर्ष की तरह इस बार भी प्रकाश पर्व के अवसर पर देश-विदेश से आने वाली संगत के लिए अधिक से अधिक कमरे उपलब्ध करवाए जाएंगे।
संगत की रिहायश के लिए होटल मालिकों का सहयोग
एसजीपीसी के अतिरिक्त सचिव जसविंदर सिंह जस्सी ने कहा कि श्री गुरु रामदास जी के प्रकाश गुरुपर्व के अवसर पर हर साल बड़ी संख्या में देश-विदेश से श्रद्धालु सचखंड श्री हरिमंदिर साहिब में नतमस्तक होने पहुंचते हैं। श्रद्धालुओं के ठहरने के प्रबंधों में होटल मालिकों की ओर से दिया जा रहा सहयोग सराहनीय है।
उन्होंने होटल मालिकों का धन्यवाद करते हुए कहा कि संगत की सेवा के लिए यह एक अच्छा प्रयास है और उम्मीद है कि भविष्य में भी यह सहयोग इसी तरह जारी रहेगा।
26 अक्तूबर के नगर कीर्तन में शामिल होने की अपील
जसविंदर सिंह जस्सी ने होटल एसोसिएशन के प्रतिनिधियों और संगत से अपील की कि वे प्रकाश पर्व के अवसर पर 26 अक्तूबर को श्री अकाल तख्त साहिब से सजाए जा रहे नगर कीर्तन और अन्य धार्मिक समागमों में बढ़-चढ़कर भाग लें।
उन्होंने नगर कीर्तन के मार्ग में श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए भी सभी से सहयोग करने की अपील की। बैठक के दौरान श्री दरबार साहिब के जनरल मैनेजर मेजर सिंह ने भी होटल मालिकों की ओर से दिए जा रहे सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
मुफ्त कमरों के अलावा हर संभव सुविधा देने का भरोसा
अमृतसर होटल एंड गेस्ट हाउस एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरिंदर सिंह और चेयरमैन हरिंदर सिंह ने होटल मालिकों की ओर से भरोसा दिलाया कि एसजीपीसी को संगत के लिए उपलब्ध करवाए जाने वाले मुफ्त कमरों के अलावा भी श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए हर संभव सहयोग किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि होटल मालिक संगत की सेवा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं और प्रकाश पर्व के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने में सहयोग करते रहेंगे।
होटल मालिकों और प्रतिनिधियों ने लिया बैठक में हिस्सा
बैठक में मैनेजर गुरप्रीत सिंह के अलावा अमृतसर के विभिन्न होटलों के मालिक और प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। बैठक के दौरान प्रकाश पर्व के अवसर पर बड़ी संख्या में पहुंचने वाली संगत की रिहायश और अन्य सुविधाओं को लेकर सहयोग एवं व्यवस्थाओं पर चर्चा की गई।

