अमृतसर: जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला पंजाब के अमृतसर पहुंचे यहां उन्होंने अमृतसर मे जम्मू कश्मीर के गेस्ट हॉउस का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा की यह हमारी पुरानी गेस्ट हाउस रही है लेकिन बीच में थोड़ी हमारी लापरवाही रही थोड़ा वक्त भी ऐसा रहा की कंडीशन थोड़ा गेस्ट हाउस का खराब रहा तो कुछ वक्त पहले ब्लॉक है। अमृतसर आपके अस्पतालों के लिए अपने आने के बाद रहने की उनकी थोड़ी बहुत दिक्कत होती है तो क्योंकि काफी एरिया है। यहां हेरिटेज बिल्डिंग के पीछे एक नया ब्लॉक जो है वह भी हम बनाने जा रहे हैं, जिसमें ठीक-ठाक कमरे डॉरमेट्री स्वीट्स वगैरा होंगे और हमारे लोग खासकर जो पेशेंट और उनके अटेंडेंस यहां आपके अस्पतालों में इलाज के लिए आते हैं। उनके लिए रहने की जगह होगी ठीक इसी तरह चंडीगढ़ में हमारा एक अच्छा सा गेस्ट हाउस होता था लेकिन 2019 में जब जम्मू कश्मीर और लद्दाख को अलग किया गया।
उन्होंने कहा की मैंने लद्दाख के लोगो को मशवरा दिया था आप जानते है की हमारे साथ क्या हुआ था, हमें कहा गया था की इलेक्शन के बाद जम्मू कश्मीर को रियासत का दर्जा दुबारा वापस दिया जाएगा लेकिन लिखित कुछ नहीं था, हमें जुबानी पार्लिमेंट और सुप्रीम कोर्ट मे यह भरोसा दिया गया की तीन चीजे करनी है पहली डीलिमिटेशन, इलेक्शन और स्टेट हुड… हमारी स्टेट हुड रुकी हुई… इस लिए हमने कहा था जुबानी चीजों पर भरोसा मत कीजिए लिखत लीजिए
डिजिटल पेमेंट और UPI पर संभावित शुल्क को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि सामान्य नागरिकों के बीच पैसे के लेन-देन या एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को पैसे भेजने पर कोई टैक्स नहीं लगाया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि चर्चा व्यावसायिक या मर्चेंट लेन-देन से संबंधित शुल्क को लेकर है और इसका बोझ सीधे ग्राहकों पर डालने की बात नहीं है।
जम्मू-कश्मीर में धारा 370 हटाए जाने के बाद निवेश के सवाल पर उमर अब्दुल्ला ने कहा कि जिस स्तर के निवेश की उम्मीद की गई थी, वह अभी तक नहीं आया है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर की भौगोलिक और आर्थिक परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां पंजाब जैसी भारी औद्योगिक इकाइयों की स्थापना व्यावहारिक नहीं है।
उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों और कच्चे माल को ध्यान में रखते हुए एग्रीकल्चर, एग्री-प्रोसेसिंग, हॉर्टिकल्चर और डेयरी फार्मिंग जैसे क्षेत्रों में अधिक संभावनाएं हैं। सरकार का जोर इन्हीं क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों और रोजगार के अवसर बढ़ाने पर रहेगा, जम्मू-कश्मीर की अर्थव्यवस्था और स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप निवेश मॉडल विकसित करना जरूरी है।