Gangsters and Encounters : पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र के दूसरे दिन सदन की कार्यवाही शुरू होते ही नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने शून्यकाल के लिए समय न दिए जाने पर राज्य सरकार की आलोचना की। कांग्रेस विधायक नारेबाजी करते हुए वेल में आ गए। बाजवा ने राज्य के ज्वलंच मुद्दों पर चर्चा की मांग की जिस पर स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने कहा कि सदन का समय दो दिन बढ़ाया गया है इसलिए विपक्ष को समय मिलेगा। विपक्षी सदस्य जैसे ही अपनी कुर्सियों पर बैठे वित्तमंत्री हरपाल सिंह चीमा ने विपक्ष को घेरते हुए कहा कि विपक्ष को मनगढ़ंत कहानिया गढ़ने की बजाय अपनी बात पर अडिग रहने के लिए ललकारा।
हमने गैंगस्टर नहीं पाले
बाजवा के विरोध के बीच चीमा ने कहा कि हमने गैंगस्टर नहीं पाले, बाजवा बताएं कि मुख्तार अंसारी को कौन लेकर आया था। उन्होंने कहा कि विपक्ष का दोहरा चरित्र है। ड्रग माफिया के खिलाफ कार्रवाई करो तो यह बचाने आ जाते हैं। पहले खुद कहते थे कि मजीठिया के गले में रस्सा डाल कर लाएंगे अब जब सरकार ने कार्रवाई की तो यू-टर्न ले लिया। इस पर दो कैबिनेट मंत्रियों के खिलाफ चंडीगढ़ पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर को लेकर सदन में हंगामा हुआ। चीमा ने चुनौती दी कि 100 एफआईआर करवा लो हम डरने वाले नहीं हैं।
क्या सचिवालय से सीआईएसएफ की सुरक्षा वापस लेगी सरकार : बाजवा
सदन में चर्चा के दौरान बाजवा ने कहा कि जब सरकार खुद केंद्रीय सुरक्षा बलों की सुरक्षा में है। चंडीगढ़ सचिवालय की सुरक्षा सीआईएसएफ के पास क्यों है, क्या सरकार उसे वापस लेगी। मुख्यमंत्री सहित कई वीआईपी की सुरक्षा केंद्रीय एजैंसी द्वारा की जाती है तो क्या उसे वापस लिया जाएगा। इसके बाद सदन में हंगामा मच गया। सत्ताधारी दल के सदस्यों ने बाजवा का विरोध किया और सदन में दोनों ओर से सदस्यों में तीखी नोंकझोंक होती रही।
मेष: दिन शुभ रहेगा...