चंडीगढ़: राज्य से नशे की समस्या को खत्म करने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशों पर शुरू की गई नशा विरोधी मुहिम ‘युद्ध नाशियां विरुद्ध’ के तहत पंजाब पुलिस ने रविवार को एक विशेष अभियान ‘ओपीएस सील-XVII’ चलाया, जिसका उद्देश्य सीमावर्ती राज्य पंजाब में प्रवेश करने या बाहर जाने वाले सभी वाहनों की जांच करना था ताकि नशा तस्करी और शराब तस्करी पर नजर रखी जा सके।
पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) पंजाब गौरव यादव के निर्देशों पर सभी जिलों में एक साथ सुबह 6 बजे से दोपहर 2 बजे तक चलाए गए अभियान के दौरान, सीमावर्ती जिलों के सभी एसएसपी को सीमावर्ती जिलों के रणनीतिक स्थानों पर संयुक्त नाका अभियान आयोजित करने और राजपत्रित अधिकारियों/एसएचओ की देखरेख में सीलिंग बिंदुओं पर मजबूत ‘नाके’ लगाने के लिए अधिकतम संख्या में जनशक्ति जुटाने का निर्देश दिया गया।
विशेष डीजीपी कानून एवं व्यवस्था अर्पित शुक्ला ने जानकारी देते हुए बताया कि इंस्पेक्टरों/डीएसपी की निगरानी में 700 से ज़्यादा पुलिसकर्मियों की मदद से समन्वित और मज़बूत नाके लगाए गए हैं। ये नाके चार सीमावर्ती राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ से लगते 10 ज़िलों के कम से कम 92 प्रवेश/निकास बिंदुओं पर लगाए गए हैं। इन 10 अंतर-राज्यीय सीमावर्ती ज़िलों में पठानकोट, श्री मुक्तसर साहिब, फ़ाज़िल्का, रूपनगर, एसएएस नगर, पटियाला, संगरूर, मानसा, होशियारपुर और बठिंडा शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि राज्य में प्रवेश/निकास करने वाले 2380 वाहनों की जाँच की गई, जिनमें से 208 का चालान किया गया और तीन को ज़ब्त किया गया। पुलिस टीमों ने इस अभियान के दौरान 9 प्राथमिकी दर्ज कीं और 10 लोगों को गिरफ्तार किया।
इसके अलावा, पुलिस टीमों ने 141वें दिन भी मादक पदार्थों के विरुद्ध अपना घेराबंदी और तलाशी अभियान (CASO) जारी रखा और रविवार को 401 स्थानों पर छापे मारे, जिसके परिणामस्वरूप राज्य भर में 75 प्राथमिकी दर्ज करके 110 मादक पदार्थ तस्करों को गिरफ्तार किया गया। इसके साथ ही, 141 दिनों के भीतर गिरफ्तार किए गए कुल मादक पदार्थ तस्करों की संख्या 22,764 तक पहुँच गई है।
विशेष डीजीपी ने बताया कि छापेमारी के दौरान गिरफ्तार किए गए ड्रग तस्करों के कब्जे से 1.4 किलोग्राम हेरोइन और 15 किलोग्राम अफीम की भूसी बरामद की गई है।
उन्होंने बताया कि 87 राजपत्रित अधिकारियों की निगरानी में 1300 से अधिक पुलिसकर्मियों वाली 180 से अधिक पुलिस टीमों ने राज्य भर में छापेमारी की और दिन भर चले अभियान के दौरान 438 संदिग्ध व्यक्तियों की जाँच की।
उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस ने एक व्यापक रणनीति तैयार की है और राज्य से नशे की समस्या के उन्मूलन तक ऐसे अभियान जारी रहेंगे।
विशेष डीजीपी ने कहा कि राज्य सरकार ने राज्य से नशे के उन्मूलन के लिए त्रि-आयामी रणनीति – प्रवर्तन, नशामुक्ति और रोकथाम (ईडीपी) – लागू की है। पंजाब पुलिस ने ‘नशामुक्ति’ अभियान के तहत आज 57 लोगों को नशामुक्ति और पुनर्वास उपचार के लिए राजी किया है।
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