लुधियाना: खरीफ सीजन 2026-27 में धान की खरीद को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां पूरी करने की दिशा में कदम तेज कर दिए हैं। मंडियों में किसानों को किसी तरह की परेशानी न हो और फसल की खरीद के साथ समय पर उठान सुनिश्चित किया जा सके, इसके लिए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
पंजाब कृषि विश्वविद्यालय स्थित खेम सिंह गिल ऑडिटोरियम में आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता अतिरिक्त उपायुक्त शिखा भगत ने की। बैठक उपायुक्त हिमांशु जैन के निर्देशों के तहत आयोजित की गई, जिसमें जिले में धान की संभावित आवक और खरीद प्रबंधों पर विस्तार से चर्चा हुई।
17.25 लाख मीट्रिक टन धान आने की संभावना
अतिरिक्त उपायुक्त ने बताया कि इस वर्ष लुधियाना जिले में लगभग 2.57 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में धान की खेती की गई है। ऐसे में खरीफ सीजन के दौरान मंडियों में करीब 17.25 लाख मीट्रिक टन धान पहुंचने का अनुमान है। उन्होंने बताया कि पिछले खरीद सीजन में जिले में लगभग 13.11 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद हुई थी।
उन्होंने कहा कि जिले की 109 नियमित अनाज मंडियों में खरीद प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए आवश्यक प्रबंध किए जा रहे हैं।
किसानों को समय पर भुगतान पर जोर
शिखा भगत ने अधिकारियों से कहा कि धान की खरीद तेज और व्यवस्थित तरीके से की जाए, ताकि किसानों को मंडियों में लंबे समय तक इंतजार न करना पड़े। उन्होंने फसल की खरीद के बाद किसानों को भुगतान समय पर उपलब्ध करवाने को भी प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों को अपनी उपज मंडियों में बेचने के दौरान किसी प्रकार की अनावश्यक दिक्कत नहीं होनी चाहिए। संबंधित उप-मंडल मजिस्ट्रेट अपने-अपने क्षेत्रों में मंडियों की खरीद व्यवस्था की निगरानी करेंगे और जरूरत के अनुसार समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करेंगे।
मंडियों में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश
मंडी बोर्ड के अधिकारियों को बारिश के दौरान धान को सुरक्षित रखने के लिए पर्याप्त व्यवस्था करने को कहा गया। इसके साथ ही मंडियों में साफ-सफाई का उचित प्रबंध बनाए रखने के निर्देश दिए गए। प्रत्येक खरीद केंद्र पर बिजली, किसानों के बैठने के लिए शेड, पीने के पानी और धान की गुणवत्ता जांच से जुड़े आवश्यक उपकरण उपलब्ध रखने पर भी जोर दिया गया।
किसानों से नमी का स्तर बनाए रखने की अपील
अतिरिक्त उपायुक्त शिखा भगत ने किसानों से अपील की कि वे मंडियों में 17 प्रतिशत या उससे कम नमी वाला धान लेकर आएं। उन्होंने कहा कि निर्धारित नमी स्तर वाली फसल लाने से खरीद प्रक्रिया अधिक सुचारू रूप से पूरी करने में मदद मिलेगी और किसानों को अनावश्यक परेशानी से बचाया जा सकेगा।
बैठक में पश्चिम सर्किल के अधिकारी सर्ताज सिंह चीमा, डीएफएससी लखवीर सिंह, डीएम मार्कफेड सुधीर, डीएम पनसप मोनिका गोयल, डीएम पीएसडब्ल्यूसी सुखविंदर सिंह, डॉ. गुरपाल सिंह, आढ़ती एसोसिएशन के प्रतिनिधि तथा विभिन्न संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।