अमृतसर: धान खरीद सीजन के दौरान किसानों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए जिला प्रशासन ने मंडियों में व्यवस्थाओं की निगरानी बढ़ा दी है। डिप्टी कमिश्नर दलविंदरजीत सिंह ने किसानों से अपील की है कि वे फसल पूरी तरह पकने के बाद ही कटाई करवाएं और मंडियों में निर्धारित नमी मानक के अनुरूप सूखा धान लेकर पहुंचें। डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि केंद्र सरकार की ओर से धान में अधिकतम 17 प्रतिशत नमी की सीमा निर्धारित की गई है। इससे अधिक नमी वाली फसल को मंडी में बेचने के दौरान किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने किसानों से कटाई के समय इस बात का विशेष ध्यान रखने को कहा।
2,461 रुपये प्रति क्विंटल तय है मूल्य
प्रशासन के अनुसार इस सीजन केंद्र सरकार ने धान की फसल के लिए 2,461 रुपये प्रति क्विंटल का मूल्य निर्धारित किया है। डीसी ने किसानों से कहा कि वे अपनी उपज को उचित नमी स्तर पर मंडियों में लेकर आएं, ताकि उन्हें निर्धारित मूल्य प्राप्त करने में दिक्कत न हो। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि जल्दबाजी में अधपकी फसल की कटाई न करें और धान को मंडी में लाने से पहले उसकी नमी का ध्यान रखें।
कंबाइन संचालकों के लिए भी समय निर्धारित
डिप्टी कमिश्नर ने कंबाइन हार्वेस्टर संचालकों को निर्देश दिया कि धान की कटाई सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच ही की जाए। प्रशासन की ओर से इस निर्देश का पालन सुनिश्चित करने के लिए भी निगरानी की जा रही है।
मंडियों में अधिकारी कर रहे निरीक्षण
डीसी ने बताया कि अमृतसर जिले की विभिन्न अनाज मंडियों में धान की खरीद प्रक्रिया सुचारू रूप से चल रही है। किसानों की सुविधा के लिए मंडियों में आवश्यक प्रबंध किए गए हैं। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित अधिकारी खरीद प्रक्रिया पर नजर बनाए हुए हैं। विभिन्न एसडीएम और अन्य प्रशासनिक अधिकारी मंडियों का दौरा कर व्यवस्थाओं की समीक्षा कर रहे हैं और किसानों से सीधे फीडबैक भी लिया जा रहा है। डिप्टी कमिश्नर ने किसानों को भरोसा दिलाया कि जिला प्रशासन मंडियों में खरीद प्रक्रिया को व्यवस्थित बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी कर रहा है और किसानों को फसल बेचने में किसी प्रकार की अनावश्यक परेशानी नहीं आने दी जाएगी।

