Site icon Dainik Savera Times

गुरमत समागम : गुरु समर्पित गुरसिखों को किया याद

Paid tribute to the Gursikhs devoted to the Guru : अमृतसर। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने श्री दरबार साहिब से जुड़े गुरुद्वारा श्री मंजी साहिब दीवान हॉल में बाबा मक्खन शाह लुबाना और भाई लखी शाह वंजारा की याद में एक गुरमत समागम आयोजित किया।

इस मौके पर सचखंड श्री हरमंदिर साहिब के मुख्य ग्रंथी सिंह साहिब ज्ञानी अमरजीत सिंह, शिरोमणि कमेटी के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी और अन्य प्रमुख हस्तियां शामिल हुईं। इस कार्यक्रम में श्री अखंड पाठ साहिब के भोग के बाद, सचखंड श्री हरमंदिर साहिब के हजूरी रागी जत्थों द्वारा गुरबानी कीर्तन किया गया और पंथिक हस्तियों ने संगत के साथ अपने विचार साझा किए। इस मौके पर शिरोमणि कमेटी के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि गुरु के सिख की सबसे बड़ी ताकत गुरबानी और गुरु के प्रति अटूट श्रद्धा है। उन्होंने कहा कि सिख इतिहास इस बात का गवाह है कि जब भी गुरु के किसी सिख ने मुश्किल समय का सामना किया, तो उसने गुरबानी को अपना सहारा बनाया और गुरु के सामने प्रार्थना की।

उन्होंने कहा कि भाई मक्खन शाह लुबाना जी का इतिहास भी गुरु के प्रति सिखों की सच्ची श्रद्धा और भरोसे का प्रतीक है। इसी तरह, भाई लखी शाह वंजारा जी का जीवन भी गुरु के प्रति समर्पण का एक अनूठा उदाहरण है। नौवें गुरु, श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी की शहादत के बाद, उन्होंने अपने घर में आग लगा दी और गुरु साहिब के पवित्र शरीर का अंतिम संस्कार किया। गुरु के प्रति इसी अटूट श्रद्धा ने सिख इतिहास में भाई लखी शाह वंजारा जी का नाम हमेशा के लिए अमर कर दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे गुरसिखों का इतिहास हमें गुरमत के अनुसार जीवन जीने की प्रेरणा देता है। उन्होंने देश-विदेश से आए उन लोगों का भी धन्यवाद किया जो इस कार्यक्रम में शामिल हुए।

गुरसिखों के जीवन से प्रेरणा लें : ज्ञानी अमरजीत 

सचखंड श्री हरमंदिर साहिब के मुख्य ग्रंथी सिंह साहिब ज्ञानी अमरजीत सिंह ने कहा कि सिख इतिहास में बाबा मक्खन शाह लुबाना और भाई लखी शाह वंजारा का अहम स्थान है और सिख समुदाय को उनके योगदान पर हमेशा गर्व रहेगा। उन्होंने कहा कि बाबा मक्खन शाह लुबाना एक परोपकारी व्यक्ति थे जिन्होंने भटकती हुई संगत को सच्चे गुरु तक पहुँचाया। उन्होंने कहा कि हमें बाबा मक्खन शाह और भाई लक्खी शाह जैसे गुरु समर्पित व्यक्तित्वों के जीवन से प्रेरणा लेकर गुरसिख धर्म के मार्ग पर चलना चाहिए। उन्होंने हर साल गुरुद्वारा श्री मंजी साहिब में इन हस्तियों की स्मृति मनाने के लिए एसजीपीसी की सराहना की और संगत को बानी और बाना से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया। इस अवसर पर सचखंड श्री हरमंदिर साहिब के ग्रंथी सिंह साहिब ज्ञानी केवल सिंह और पूर्व मुख्य ग्रंथी सिंह साहिब ज्ञानी जगतार सिंह ने भी इतिहास साझा किया और ढाडी और कविशर समूह भी उपस्थित थे।

कार्यक्रम के दौरान गुरुद्वारा बाबा माखन शाह लुबाना न्यूयॉर्क कमेटी की ओर से प्रमुख हस्तियों को सम्मानित भी किया गया। इस अवसर पर तख्त श्री हरमंदिर जी पटना साहिब के पूर्व जत्थेदार ज्ञानी रणजीत सिंह गौहर, शिरोमणि कमेटी सदस्य सुरजीत सिंह भिट्टेवाड, ओएसडी सतबीर सिंह, सचिव बलविंदर सिंह काहलवां, गुरिंदर सिंह मथरेवाल, निजी सचिव शाहबाज सिंह, अतिरिक्त सचिव जसविंदर सिंह जस्सी, उप सचिव हरभजन सिंह वक्ता, श्री दरबार साहिब के प्रबंधक मेजर सिंह, पूर्व सचिव परमजीत सिंह सरोया, गुरुद्वारा बाबा के पूर्व अध्यक्ष मक्खन शाह लुबाना न्यूयॉर्क स. रघबीर सिंह बब्बी, उपाध्यक्ष स. सुरिंदर सिंह, बीबी मलकीत कौर जनसूया यूएसए, बीबी प्रभजोत कौर यूएसए, स. बलविंदर सिंह, स. बलकार सिंह, स. प्रदीप सिंह, अधीक्षक स. निशान सिंह, स. मलकीत सिंह बेहरवाल, अतिरिक्त प्रबंधक बिक्रमजीत सिंह झांगी, प्रमुख प्रचारक भाई जगदेव सिंह, प्रचारक भाई सतवंत सिंह और अन्य भक्त उपस्थित थे।

Exit mobile version