पठानकोट : हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही बारिश और मौसम विभाग द्वारा जारी यैलो अलर्ट का असर अब सीमावर्ती शहर पठानकोट में भी साफ दिखाई देने लगा है। हिमाचल का प्रवेश द्वार माने जाने वाले पठानकोट बस स्टैंड पर इन दिनों यात्रियों की संख्या में कमी दर्ज की जा रही है। बस ऑपरेटरों का कहना है, कि पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, सड़कें बंद होने और लगातार खराब मौसम की खबरों के कारण लोग फिलहाल हिमाचल की ओर यात्रा करने से बच रहे हैं। पठानकोट से प्रतिदिन बड़ी संख्या में पर्यटक धर्मशाला, डलहौजी, चंबा, पालमपुर, बैजनाथ और अन्य पर्यटन स्थलों के लिए बसों के माध्यम से रवाना होते हैं।
लेकिन पिछले कुछ दिनों से मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों के चलते बसों में यात्रियों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में काफी कम हो गई है। कई बसें निर्धारित समय पर तो रवाना हो रही हैं, लेकिन उनमें यात्रियों की संख्या अपेक्षा से कम होने के कारण ऑपरेटरों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। बस ऑपरेटरों का कहना है, कि पर्यटन सीजन में हिमाचल जाने वाले यात्रियों की संख्या अच्छी रहती है, जिससे परिवहन कारोबार को भी मजबूती मिलती है। लेकिन लगातार बारिश और मौसम विभाग के अलर्ट के बाद लोगों ने अपनी यात्राएं स्थगित कर दी हैं। कई यात्रियों ने पहले से बनाई गई यात्रा योजनाओं को भी रद्द कर दिया है। उनका कहना है, कि सुरक्षा को देखते हुए लोग फिलहाल पहाड़ी क्षेत्रों में जाने से परहेज कर रहे हैं।
व्यापारियों का भी मानना है, कि हिमाचल जाने वाले अधिकांश पर्यटक पठानकोट से होकर गुजरते हैं। इस दौरान होटल, रेस्तरां, टैक्सी, ऑटो, खान-पान और अन्य स्थानीय कारोबार को भी लाभ मिलता है। यदि पर्यटकों की संख्या लगातार कम रहती है तो इसका सीधा असर स्थानीय व्यापार पर भी पड़ेगा। यात्रियों ने बताया कि वे मौसम सामान्य होने का इंतजार कर रहे हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश और भूस्खलन की घटनाओं के चलते जोखिम उठाना उचित नहीं है। वहीं बस संचालकों ने उम्मीद जताई कि जैसे ही मौसम साफ होगा और हालात सामान्य होंगे, पर्यटकों की आवाजाही फिर से बढ़ेगी तथा परिवहन कारोबार भी पटरी पर लौट आएगा।

