Last Updated: November 5, 2026

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PAU का फ्रूट फ्लाई ट्रैप किसानों के लिए बना कारगर उपाय, 1 लाख से ज्यादा यूनिट बिकीं

August 18, 2026

PAU का फ्रूट फ्लाई ट्रैप किसानों के लिए बना कारगर उपाय, 1 लाख से ज्यादा यूनिट बिकीं

लुधियाना: पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी (PAU) ने फल उत्पादक किसानों को फ्रूट फ्लाई से बचाने के लिए एक खास ट्रैप तैयार किया है। यह ट्रैप किसानों के बीच काफी लोकप्रिय हो रहा है। अब तक इसके 1 लाख से ज्यादा पीस बिक चुके हैं। इसकी मांग सिर्फ पंजाब तक सीमित नहीं है, बल्कि दूसरे राज्यों के किसान भी समय-समय पर इसकी मांग करते हैं।

फल उगाने वाले किसानों के लिए फ्रूट फ्लाई बड़ी समस्या है। ये कीड़े फलों को नुकसान पहुंचाते हैं, जिससे किसानों की फसल और आमदनी दोनों प्रभावित होती हैं। इसी समस्या को देखते हुए PAU के वैज्ञानिकों ने ऐसा ट्रैप तैयार किया, जिससे फलों पर बार-बार कीटनाशक का छिड़काव करने की जरूरत कम हो सकती है।

बोतल में फंसकर मरती हैं फ्रूट फ्लाई

इस ट्रैप को एक साधारण बोतल की तरह तैयार किया गया है। इसमें कुछ लकड़ी की डंडियां लगाई जाती हैं, जिन पर एक खास रसायन लगाया जाता है। इसकी गंध फ्रूट फ्लाई को अपनी ओर आकर्षित करती है। जब मक्खियां इस रसायन के संपर्क में आती हैं या उसे चाटती हैं, तो वे ट्रैप की बोतल में ही मर जाती हैं। इस तरह मक्खियों को फलों तक पहुंचने से रोका जा सकता है।

25 से 35 दिन तक करता है काम

PAU से जुड़े विशेषज्ञों के अनुसार, एक ट्रैप करीब 25 से 35 दिन तक प्रभावी रहता है। इसके बाद जरूरत के अनुसार इसे बदला या दोबारा तैयार किया जा सकता है। इससे किसानों को बार-बार अलग से कीटनाशक खरीदने और फलों पर स्प्रे करने की जरूरत कम पड़ती है।

10 साल की मेहनत के बाद तैयार हुआ ट्रैप

इस प्रोजेक्ट पर काम करने वाले विशेषज्ञ डॉ. प्रिंसिपल संदीप सिंह ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2003 में इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू किया था। करीब 10 वर्षों की मेहनत और शोध के बाद वर्ष 2013-14 में इसे तैयार किया गया। उन्होंने बताया कि इस तकनीक को विकसित करने में महिला वैज्ञानिक डॉ. राजविंदर कौर ने भी महत्वपूर्ण सहयोग दिया। डॉ. राजविंदर कौर के अनुसार, ट्रैप 25 से 35 दिन तक काम करता है।

किसानों की लागत कम करने में मदद

विशेषज्ञों के मुताबिक, इस ट्रैप का इस्तेमाल करने से फलों पर दवा का छिड़काव कम किया जा सकता है। इससे किसानों की कीटनाशक और पानी पर होने वाली लागत घटाने में मदद मिलती है। साथ ही फलों को फ्रूट फ्लाई के नुकसान से बचाने में भी यह उपयोगी साबित हो रहा है। PAU के इस ट्रैप की अब तक एक लाख से अधिक यूनिट बिकना इस बात का संकेत है कि फल उत्पादक किसान फ्रूट फ्लाई से बचाव के लिए इस कम लागत वाले उपाय को अपना रहे हैं। पंजाब के अलावा दूसरे राज्यों से भी इसकी मांग आना इसकी उपयोगिता को दर्शाता है।

📍 Location: Ludhiana (Ludhiana)

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