मोगा। पंजाब सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों के खिलाफ सरकारी दफ्तरों के कर्मचारियों ने मंगलवार को पेन-डाउन स्ट्राइक करने के बाद डीसी कार्यालय मोगा के बाहर विशाल रैली की। रैली में पेंशनरों, कर्मचारियों, किसानों और मजदूर संगठनों के प्रतिनिधियों ने पहुंचकर कर्मचारियों के संघर्ष को पूर्ण समर्थन देने का ऐलान किया। मंच संचालन दिग्विजय पाल शर्मा ने किया।
वक्ताओं ने 15 जनवरी 2015 और 17 जुलाई 2020 के कर्मचारी विरोधी पत्र वापस लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि इन नीतियों के कारण नए कर्मचारियों को तीन वर्ष के प्रोबेशन पर रखकर केवल बेसिक वेतन देने का प्रावधान किया गया है। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि सरकार कर्मचारियों को मिलने वाले महंगाई भत्ते की किस्तें लंबे समय से रोक रही है और डीए को केंद्र सरकार से अलग करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

पीएसएमएसयू के अध्यक्ष कुलदीप सिंह ने ठेके पर काम कर रहे कर्मचारियों को पूरी तनख्वाह देने और नियमित करने की मांग की। परमपाल सिंह ने कहा कि सरकार द्वारा हजारों कर्मचारियों को नियमित करने के दावे किए जा रहे हैं, जबकि जमीनी स्तर पर स्थिति अलग है।
सुरजीत सिंह गगड़ा, सुखपालजीत सिंह, बलौर सिंह घाली, भजन सिंह हिल, जगदीश सिंह चहल और गुरमेल सिंह नाहर सहित अन्य वक्ताओं ने सरकार की नीतियों की आलोचना की। उन्होंने सरकारी स्कूलों में खाली पद भरने तथा शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त करने की मांग भी उठाई।
भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां के जिला अध्यक्ष अमरजीत सिंह सैदोके ने कर्मचारियों और पेंशनरों के संघर्ष को संगठन की ओर से पूर्ण समर्थन देने का भरोसा दिलाया। उन्होंने आंगनबाड़ी, आशा वर्करों और मिड-डे मील कुकों को कम से कम डीसी रेट देने तथा नियमित करने की मांग की।
वक्ताओं ने कहा कि 12 सितंबर को विधानसभा स्पीकर कुलतार सिंह संधवां के आवास के बाहर और 19 सितंबर को धर्मकोट विधायक लाडी ढोस के आवास के बाहर सुबह 11 बजे धरना देकर रोष प्रदर्शन किया जाएगा। पेंशनरों के लिए छठे वेतन आयोग के अनुसार 2.59 गुणांक और 60 प्रतिशत डीए देने की मांग भी उठाई गई। अंत में कर्मचारी नेता कुलदीप सिंह ने रैली में शामिल कर्मचारियों, पेंशनरों, किसानों और मजदूरों का धन्यवाद करते हुए आगामी धरनों में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की।
📍 Location: मोगा