Site icon Dainik Savera Times

बकाया पेंशन और मेडिकल बिलों पर पेंशनरों में रोष

Pensioners Warn of Legal Action Over Pending Dues : मोगा। रिटायर्ड राजस्व कानूनगो और पटवारियों को संशोधित पेंशन के बकाये तथा मेडिकल बिलों का भुगतान समय पर नहीं होने से नाराजगी बढ़ गई है। रिटायर्ड रेवेन्यू कानूनगो पटवारी वेलफेयर एसोसिएशन ने संबंधित अधिकारियों पर सरकारी निर्देशों की अनदेखी का आरोप लगाया है। एसोसिएशन के अनुसार, अप्रैल से सितंबर 2026 तक की छह किस्तों के बिल भी पूरे तैयार नहीं किए गए। संगठन ने लंबित मांगों का समाधान नहीं होने पर अदालत का दरवाजा खटखटाने की चेतावनी दी है।

रिटायर्ड रेवेन्यू कानूनगो पटवारी वेलफेयर एसोसिएशन रजिस्टर्ड मोगा ने संबंधित तहसीलदारों और बिल क्लर्कों पर सरकारी निर्देशों को लागू करने में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि पेंशनरों की लंबित मांगों का समाधान नहीं किया गया तो वे अपने हक के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाने की तैयारी कर रहे हैं। एसोसिएशन के अनुसार, 1 जनवरी 2016 के बाद सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को 1 जनवरी 2016 से 30 जून 2021 तक के वेतनमान संशोधन से संबंधित बकाये का भुगतान किया जाना था।

इस संबंध में पंजाब सरकार के पत्र नंबर 03-01-21-IFP/12, दिनांक 18 फरवरी 2025 के अनुसार संशोधित पेंशन के बकाये की अदायगी 1 अप्रैल 2026 से बराबर किस्तों में करने के निर्देश दिए गए थे। इसके तहत अप्रैल से सितंबर 2026 तक छह महीनों की किस्तों से संबंधित बिल तैयार करके पेंशनरों के बैंक खातों में भुगतान किया जाना था। एसोसिएशन का आरोप है कि संबंधित अधिकारियों ने अप्रैल से सितंबर तक की छह किस्तों के बिल पूरे तैयार नहीं किए।

कुछ मामलों में केवल एक या दो महीनों का ही अधूरा हिसाब तैयार किया गया है। इससे सेवानिवृत्त कर्मचारियों को अपने जायज बकाये के लिए परेशान होना पड़ रहा है। बार-बार मांग उठाने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने का आरोप एसोसिएशन ने बताया कि बकाये के बिल तैयार करवाने के लिए संबंधित तहसीलदारों और डिप्टी कमिश्नर के समक्ष कई बार मामला उठाया गया। इस संबंध में 17 अगस्त, 7 सितंबर और 21 सितंबर को लिखित रूप में मांग रखी गई।

इसके बाद 12 अक्टूबर को भी अधिकारियों को बिल तैयार करने के लिए कहा गया, लेकिन एसोसिएशन के अनुसार समस्या का समाधान नहीं हुआ। मेडिकल बिलों का भुगतान भी लंबित एसोसिएशन ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों के मेडिकल बिलों का भुगतान न होने पर भी नाराजगी जताई। सदस्यों के अनुसार, जुलाई महीने से संबंधित पास हुए मेडिकल बिल 3 अगस्त से दफ्तरों में लंबित पड़े हैं। इन दावों का भुगतान नहीं किया जा रहा, जबकि एसोसिएशन का कहना है कि अदालत के आदेशों के अनुसार मेडिकल क्लेम का निपटारा एक महीने के भीतर होना चाहिए।

एसोसिएशन ने जिले के चारों तहसीलदारों को इस स्थिति के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि अधिकारियों और कर्मचारियों की कथित लापरवाही के कारण पेंशनरों को दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। संगठन के सदस्यों का आरोप है कि सरकारी व्यवस्था में समय पर काम नहीं होने के कारण आम जनता के साथ-साथ सेवानिवृत्त कर्मचारी भी परेशान हैं। आरटीआई के माध्यम से मांगा छह महीने के भुगतान का हिसाब एसोसिएशन ने इस मामले में सूचना का अधिकार अधिनियम (आरटीआई) के तहत भी जानकारी मांगी है।

Exit mobile version