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जालंधर में 15 अगस्त को बड़े धमाके की साजिश का खुलासा, BKI मॉड्यूल का फरार आरोपी गिरफ्तार

पंंजाब डेस्कः जालंधर में 15 अगस्त के मौके पर बड़े आतंकी हमले को अंजाम देने की कथित साजिश के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। जालंधर देहात पुलिस ने इस मामले में फरार चल रहे आरोपी रणदीप सिंह उर्फ मोनू को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी जालंधर के गांव ढंडेर का रहने वाला बताया जा रहा है। पुलिस जांच के अनुसार, आरोपी पर आरोप है कि वह सीमा पार से विस्फोटक सामग्री और IED की खेप लेकर आया था। कथित तौर पर इस विस्फोटक का इस्तेमाल 15 अगस्त के दिन जालंधर में बड़ा धमाका करने के लिए किया जाना था। इस साजिश का मकसद शहर में दहशत और तबाही फैलाना बताया जा रहा है। हालांकि, पुलिस की ओर से इस मामले में अभी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।

BKI मॉड्यूल से जुड़े होने का आरोप
पुलिस के मुताबिक, यह पूरी साजिश बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) से जुड़े एक आतंकी मॉड्यूल द्वारा रची गई थी। जांच में इस मॉड्यूल के पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े होने की बात भी सामने आई है। पुलिस अब गिरफ्तार किए गए रणदीप सिंह उर्फ मोनू से पूछताछ कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस साजिश में उसके साथ और कौन-कौन लोग शामिल थे और विस्फोटक सामग्री उसे किस माध्यम से उपलब्ध कराई गई।

26 जुलाई को हुई थी पहली बड़ी गिरफ्तारी
इस मामले में पुलिस ने इससे पहले 26 जुलाई को आरोपी सतबीर सिंह को गिरफ्तार किया था। उस समय पंजाब के डीजीपी ने इस आतंकी साजिश का खुलासा किया था। जांच के दौरान सामने आया था कि एक मॉड्यूल के जरिए जालंधर में बड़े हमले की तैयारी की जा रही थी। अब इसी मामले में फरार चल रहे रणदीप सिंह उर्फ मोनू की गिरफ्तारी को पुलिस की महत्वपूर्ण कामयाबी माना जा रहा है।

पुलिस ने गिरफ्तारी पर साधी चुप्पी
रणदीप सिंह की गिरफ्तारी को लेकर फिलहाल पुलिस अधिकारियों ने ज्यादा जानकारी साझा नहीं की है। गिरफ्तारी कब और किस स्थान से हुई, इसे लेकर भी आधिकारिक तौर पर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। बताया जा रहा है कि पुलिस इस मामले में पूछताछ और जांच पूरी करने के बाद ही पूरे घटनाक्रम का खुलासा करेगी।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में सामने आएगी पूरी जानकारी
जानकारी के अनुसार, पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। इस दौरान रणदीप सिंह की गिरफ्तारी, कथित IED बरामदगी, आतंकी मॉड्यूल और 15 अगस्त को हमले की कथित साजिश से जुड़े कई अहम तथ्यों की जानकारी साझा की जा सकती है। फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस पूरे नेटवर्क में कितने लोग शामिल थे और इसके पीछे कौन-कौन से हैंडलर काम कर रहे थे।

 

 

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