मोहाली (पंजाब): पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने रविवार को कहा कि केंद्र में BJP के नेतृत्व वाली NDA सरकार की विदेश नीति की नाकामी के कारण देश तेल और LPG संकट का सामना कर रहा है।
उन्होंने केंद्र सरकार में कुछ ही नेताओं के हाथों में सत्ता के अत्यधिक केंद्रीकरण पर भी गंभीर चिंता जताई और चेतावनी दी कि यह रुझान लोकतंत्र के लिए खतरनाक है।
CM भगवंत सिंह मान ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से सीमा पार से बेरोकटोक हो रही नशीले पदार्थों की सप्लाई पर भी सवाल पूछे। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री से केंद्रीय एजेंसियों की नाकामी पर सफाई मांगी और आगाह किया कि अमेरिका के साथ केंद्र सरकार की संधि किसानों के हितों को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचा सकती है।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री के बार-बार विदेश दौरों के बावजूद, देश के कूटनीतिक संबंध बिगड़ रहे हैं और आर्थिक संकट बढ़ता जा रहा है।
‘प्रोग्रेसिव पंजाब इन्वेस्टर्स समिट’ के मौके पर मीडिया से बात करते हुए CM भगवंत सिंह मान ने कहा, “केंद्र में BJP के नेतृत्व वाली NDA सरकार की विदेश नीति की नाकामी के कारण देश तेल और LPG संकट का सामना कर रहा है।”
उन्होंने कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, जिन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपना करीबी दोस्त बताते हैं, को ईरान के खिलाफ पूरी तरह से युद्ध छेड़ने से पहले उनसे सलाह लेनी चाहिए थी। उन्होंने आगे कहा, “लेकिन, केंद्र सरकार इस युद्ध से पैदा हो रहे हालात को लेकर बेपरवाह बनी रही, जिसकी वजह से आज देश की जनता इस संकट का सामना कर रही है।”
CM भगवंत सिंह मान ने कहा कि मौजूदा हालात देश की विदेश नीति के ढांचे में एक गंभीर चूक को दिखाते हैं। उन्होंने कहा, “यह देश की विदेश नीति की साफ नाकामी है, और ऐसा लगता है कि इस समय देश की कोई विदेश नीति ही नहीं है।”
प्रधानमंत्री के बार-बार विदेश दौरों का ज़िक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इन दौरों की वजह से देश का नेतृत्व देश की जनता की असल मुश्किलों से दूर हो गया है।
उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री ज़्यादातर विदेश दौरों पर रहते हैं, जिसकी वजह से उन्हें देशवासियों की मुश्किलों के बारे में पता ही नहीं चलता।” उन्होंने यह भी कहा कि देश में इस समय जो हालात हैं, वैसे हालात पहले कभी नहीं देखे गए।
CM भगवंत सिंह मान ने आगे कहा, “एक महीने में प्रधानमंत्री 15 दिन विदेश में बिताते हैं, लेकिन दूसरे देशों के साथ उनके संबंध सौहार्दपूर्ण होने से कोसों दूर हैं।” मुख्यमंत्री ने कहा, “देश को LPG और तेल संकट का पहले से अंदाज़ा लगा लेना चाहिए था, और आम जनता को किसी भी तरह की परेशानी से बचाने के लिए समय रहते ही पर्याप्त इंतज़ाम कर लेने चाहिए थे।”
आपूर्ति में कमी की चिंताओं को दूर करते हुए, CM भगवंत सिंह मान ने स्पष्ट किया: “खाड़ी क्षेत्र में चल रहे युद्ध के कारण LPG सिलेंडरों की कमी को लेकर अफ़वाहें फैलाई जा रही हैं, लेकिन पूरे पंजाब के डिप्टी कमिश्नरों को निर्देश जारी किए गए हैं कि वे यह सुनिश्चित करें कि ज़रूरी चीज़ों की कोई कमी न हो।”
उन्होंने आगे कहा कि जो कोई भी इस स्थिति का फ़ायदा उठाने की कोशिश करेगा, उसके ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने ज़ोर देकर कहा, “अगर कोई भी व्यक्ति ज़रूरी चीज़ों की जमाखोरी करके लोगों को गुमराह करने की कोशिश करता है, तो उसके ख़िलाफ़ बेहद सख़्त और मिसाल बनने वाली कार्रवाई की जाएगी।”
उन्होंने यह भी बताया कि इस मामले को केंद्र सरकार के सामने उठाया गया है। CM भगवंत सिंह मान ने कहा, “मैंने केंद्र सरकार के सामने यह मुद्दा भी उठाया है ताकि हालात सामान्य हो सकें और आम लोगों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।”
केंद्र सरकार के कामकाज पर टिप्पणी करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सत्ता का अत्यधिक केंद्रीकरण लोकतांत्रिक शासन के लिए हानिकारक है। उन्होंने कहा, “सत्ता का दो या तीन लोगों के हाथों में अत्यधिक केंद्रीकरण एक खतरनाक चलन है, जिससे बचना चाहिए।”
CM भगवंत सिंह मान ने आगे कहा कि केंद्रीय कैबिनेट में फैसले लेने की शक्ति कुछ ही लोगों के हाथों में सिमटकर रह गई है। उन्होंने कहा, “दो ‘बड़ी’ हस्तियों को छोड़कर, पूरी केंद्रीय कैबिनेट में कोई मंत्री नहीं है; यहाँ तक कि छोटे-छोटे फैसले भी उन्हीं दो लोगों द्वारा लिए जाते हैं, जो तानाशाही तरीके से देश चला रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा, “हालात की इस दयनीय स्थिति ने देशवासियों को समस्याओं के दलदल में धकेल दिया है।”
शनिवार को पंजाब दौरे के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा की गई टिप्पणियों पर कड़ी आपत्ति जताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वे बयान गुमराह करने वाले थे। उन्होंने कहा, “यह हैरानी की बात है कि शनिवार को पंजाब दौरे के दौरान अमित शाह ने लोगों को गुमराह करने और नशे के मुद्दे पर पंजाब को बदनाम करने के लिए झूठ का पुलिंदा बांध दिया।” CM भगवंत सिंह मान ने केंद्रीय गृह मंत्री को चुनौती दी कि वे अपने नियंत्रण वाली केंद्रीय एजेंसियों की नाकामियों का हिसाब दें। उन्होंने कहा, “उन्हें यह बताना ही होगा कि उनके अधीन काम करने वाली BSF और अन्य केंद्रीय एजेंसियां सीमा पार से आने वाले नशे की खेप को रोकने में नाकाम क्यों रही हैं।”
मुख्यमंत्री ने देश के अन्य हिस्सों में नशे की बड़ी खेप पकड़े जाने की घटनाओं का भी ज़िक्र किया। CM भगवंत सिंह मान ने कहा, “केंद्रीय गृह मंत्री के गृह राज्य में स्थित मुंद्रा बंदरगाह से 3000 किलोग्राम से भी ज़्यादा नशा बरामद किया गया है, लेकिन इस मामले पर वे पूरी तरह से चुप्पी साधे हुए हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री की टिप्पणियों का मकसद केंद्र सरकार की निष्क्रियता से लोगों का ध्यान भटकाना था। उन्होंने कहा, “शनिवार को दिए गए बेबुनियाद बयान उनकी नाकामियों पर पर्दा डालने की एक कोशिश थी, क्योंकि केंद्र सरकार ने पूरे देश में नशे की समस्या को रोकने के लिए कोई भी ठोस कदम नहीं उठाया है।”
CM भगवंत सिंह मान ने किसानों से जुड़े मुद्दे पर भी बात की और कहा कि केंद्र सरकार की नीतियां किसानों के हितों पर बुरा असर डाल रही हैं। उन्होंने कहा, “केंद्रीय गृह मंत्री ने किसानों के मुद्दे पर मगरमच्छ के आँसू बहाए, जबकि असल में केंद्र सरकार अमेरिका के साथ संधि करके किसानों के हितों को खतरे में डाल रही है।” उन्होंने आगाह किया कि इस समझौते के गंभीर परिणाम हो सकते हैं। मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “यह संधि किसानों और उनके हितों के लिए ज़्यादा खतरनाक है, और इसके चलते अन्नदाताओं को गंभीर नतीजों का सामना करना पड़ेगा।”
इस बीच, CM भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार राज्य में एक बड़ा फ़िल्म इंफ़्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट डेवलप करने के लिए बड़े फ़िल्म प्रोडक्शन हाउस के साथ सक्रिय रूप से बातचीत कर रही है। उन्होंने कहा, “पंजाब सरकार, पंजाब में एक अत्याधुनिक फ़िल्म सिटी बनाने के लिए T-Series, Netflix, Yash Raj Films और अन्य कंपनियों के साथ बातचीत कर रही है।” फ़िल्म इंडस्ट्री में पंजाबियों के सांस्कृतिक प्रभाव पर ज़ोर देते हुए उन्होंने कहा, “बॉलीवुड पर हमेशा से पंजाबियों का दबदबा रहा है, और किसी हिंदी फ़िल्म में एक पंजाबी गाना उसकी सफलता की गारंटी माना जाता है।”
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि पंजाब सरकार राज्य में फ़िल्म इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। CM भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब सरकार, पंजाब में हिंदी फ़िल्मों की पोस्ट-प्रोडक्शन और शूटिंग को ज़ोरदार बढ़ावा देने के लिए हर संभव प्रयास करेगी, और इस दिशा में पहले से ही ठोस प्रयास किए जा रहे हैं।”

