
मोगा: पंजाब में नशा तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ अभियान के तहत फरीदकोट रेंज के तीन जिलों मोगा, श्री मुक्तसर साहिब और फरीदकोट में पुलिस की कार्रवाई जारी है। इसी कड़ी में मोगा जिले के तीन चिह्नित हॉटस्पॉट पर विशेष घेराबंदी कर तलाशी अभियान चलाया गया। इस कार्रवाई में 300 से अधिक पुलिस कर्मचारियों को तैनात किया गया।
फरीदकोट रेंज की आईजी निलांबरी जगदले विजय ने मोगा में अभियान के दौरान इसकी जानकारी दी। मौके पर डिप्टी कमिश्नर सागर सेतिया, एसएसपी सरताज सिंह चहल सहित पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे। पुलिस टीमों ने निर्धारित इलाकों की घेराबंदी करके तलाशी ली और विभिन्न स्थानों से नशीले पदार्थों की बरामदगी भी की।
रेंज में 10,694 आरोपियों की गिरफ्तारी
आईजी निलांबरी जगदले विजय के अनुसार, मार्च 2025 में शुरू हुए अभियान के बाद से फरीदकोट रेंज में नशा तस्करी से जुड़े मामलों में 10,694 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इस दौरान कुल 6,764 एफआईआर दर्ज की गई हैं।
पुलिस की ओर से की गई कार्रवाई में 260 किलोग्राम हेरोइन, 171 किलोग्राम अफीम और 1.41 लाख से अधिक नशीली फार्मास्यूटिकल गोलियां बरामद की गई हैं। इसके अलावा नशे की बड़े पैमाने पर सप्लाई करने वाले 71 कथित प्रमुख तस्करों को भी गिरफ्तार किया गया है। अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 768 आरोपियों को पकड़ा गया और उनके कब्जे से 4,500 लीटर से अधिक अवैध शराब बरामद की गई।
हेल्पलाइन और समितियों से मिली अहम जानकारी
नशा तस्करी से संबंधित सूचनाएं जुटाने में आम लोगों की भागीदारी भी सामने आई है। आईजी ने बताया कि सेफ पंजाब हेल्पलाइन के माध्यम से 4,700 से अधिक सूचनाएं मिलीं। इनके आधार पर 1,521 मामले दर्ज किए गए और 2,040 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
इसी तरह गांव रक्षा समितियों और वार्ड रक्षा समितियों से करीब 2,400 सूचनाएं प्राप्त हुईं। इन सूचनाओं के आधार पर 494 एफआईआर दर्ज कर 719 नशा सप्लायरों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, स्थानीय लोगों से मिलने वाली जानकारी नशे की सप्लाई से जुड़े नेटवर्क की पहचान करने में मदद कर रही है।
नशे से अर्जित संपत्तियों पर शिकंजा
नशे के अवैध कारोबार से अर्जित धन से बनाई गई संपत्तियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है। आईजी ने बताया कि जिला प्रशासन अब तक 29 नशा तस्करों की संपत्तियां गिरा चुका है, जिसमें पुलिस ने सहयोग किया।
उन्होंने कहा कि एनडीपीएस अधिनियम के तहत मोगा जिले में लगभग सात करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच करने की कार्रवाई की गई है। वहीं, फरीदकोट रेंज में करीब 32 करोड़ रुपये की संपत्तियों से जुड़े मामले सक्षम प्राधिकारी के समक्ष विचाराधीन हैं।
अदालत के आदेश पर जब्त नशीले पदार्थ नष्ट
पुलिस की ओर से जब्त किए गए नशीले पदार्थों के निपटारे की प्रक्रिया भी जारी है। आईजी के मुताबिक, अदालतों से जरूरी अनुमति मिलने के बाद 1,243 मामलों में जब्त नशीले पदार्थ नष्ट किए गए हैं। इनमें 91 किलोग्राम हेरोइन, 13 हजार किलोग्राम से अधिक भुक्की और पांच लाख से ज्यादा नशीली फार्मास्यूटिकल गोलियां शामिल हैं।
नशा मुक्ति और पुनर्वास भी अभियान का हिस्सा
आईजी निलांबरी जगदले विजय ने कहा कि ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ अभियान का उद्देश्य केवल तस्करों को गिरफ्तार करना नहीं है। नशे की लत से जूझ रहे युवाओं को उपचार उपलब्ध कराना, उन्हें नशे से बाहर निकालना और समाज में दोबारा स्थापित करने के लिए पुनर्वास की व्यवस्था करना भी इसका महत्वपूर्ण हिस्सा है।
उन्होंने कहा कि नशे की समस्या से निपटने के लिए पुलिस और सिविल प्रशासन मिलकर काम कर रहे हैं। आने वाले समय में भी नशा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी और गांवों तथा शहरों में सुरक्षित माहौल बनाए रखने के लिए प्रयास किए जाएंगे।
मेष: दिन शुभ रहेगा...