Police Deploys 50 Teams to Prevent Stubble Burning : मोगा। पराली जलाने से होने वाले वायु प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए मोगा जिला पुलिस ने जागरूकता अभियान तेज कर दिया है। इसके तहत पुलिस की करीब 50 टीमें गांवों और खेतों में पहुंचकर किसानों को पराली प्रबंधन के आधुनिक तरीकों, कृषि मशीनरी और सरकारी सब्सिडी योजनाओं की जानकारी दे रही हैं। पुलिस अधिकारियों ने किसानों से पराली न जलाकर पर्यावरण और मिट्टी की उपजाऊ शक्ति बचाने में सहयोग देने की अपील की।
इस अभियान के तहत पुलिस अधिकारी खुद गांवों और खेतों में पहुंचकर किसानों से बातचीत कर रहे हैं तथा उन्हें पराली के उचित प्रबंधन के लिए उपलब्ध आधुनिक कृषि मशीनरी और सरकारी योजनाओं की जानकारी दे रहे हैं। इसी कड़ी में डीएसपी मुख्यालय मोगा मनमोहन शर्मा, पीपीएस, ने गांव बुघीपुरा और महिणा में किसानों के खेतों में पहुंचकर उनसे सीधा संवाद किया। वहीं डीएसपी (होमिसाइड एवं फॉरेंसिक) सतवंत सिंह, पीपीएस, ने गांव कोकरी कलां में किसानों को पराली न जलाने के लिए प्रेरित किया। दोनों अधिकारियों ने किसानों को समझाया कि पराली जलाना केवल पर्यावरण के लिए ही नुकसानदायक नहीं है, बल्कि इससे आम लोगों के स्वास्थ्य और कृषि भूमि की उपजाऊ शक्ति पर भी गंभीर प्रभाव पड़ता है।
अधिकारियों ने बताया कि मोगा जिला पुलिस की करीब 50 टीमें विभिन्न गांवों में जाकर आम लोगों और किसानों को जागरूक कर रही हैं। ये टीमें कृषि विभाग तथा अन्य सिविल अधिकारियों के साथ बेहतर तालमेल बनाकर किसानों को पंजाब सरकार की ओर से पराली प्रबंधन के लिए उपलब्ध करवाए जा रहे आधुनिक कृषि उपकरणों और सब्सिडी संबंधी योजनाओं की जानकारी दे रही हैं, ताकि किसान पराली को आग लगाने के बजाय उसका उचित निपटारा कर सकें।
किसानों के साथ बातचीत के दौरान पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पराली जलाने से निकलने वाला जहरीला धुआं वातावरण में प्रदूषण का स्तर बढ़ाता है। इसके कारण लोगों को सांस संबंधी बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा आग लगाने से जमीन में मौजूद मित्र कीट नष्ट हो जाते हैं और मिट्टी के आवश्यक पोषक तत्वों को भी नुकसान पहुंचता है। इससे आने वाले समय में जमीन की उपजाऊ शक्ति प्रभावित हो सकती है।
इस दौरान किसानों को नई दिल्ली स्थित कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (सीएक्यूएम) तथा माननीय सुप्रीम कोर्ट की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने के लिए भी जागरूक किया गया। मोगा पुलिस की ओर से किसानों से अपील की गई कि वे पर्यावरण और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझते हुए पराली को आग लगाने से पूरी तरह परहेज करें। इसके स्थान पर सुपर सीडर, हैप्पी सीडर, बेलर सहित अन्य आधुनिक कृषि मशीनों का इस्तेमाल करें। अधिकारियों ने कहा कि स्वच्छ हवा और स्वस्थ वातावरण बनाए रखना केवल सरकार या प्रशासन की ही नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। किसानों को अपने साथ-साथ आसपास के गांवों के किसानों को भी पराली के उचित प्रबंधन के लिए प्रेरित करना चाहिए।
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए जिला पुलिस की ओर से लगातार फील्ड में गश्त की जा रही है और गांवों में कड़ी निगरानी रखी जा रही है। नियमों का उल्लंघन कर पराली जलाने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई भी की जा रही है। पुलिस ने किसानों से प्रशासन का सहयोग करने और पराली का वैज्ञानिक ढंग से प्रबंधन करने की अपील की है।

