अमृतसर: पंजाब स्टेट मिनिस्टीरियल सर्विसेज़ यूनियन ने सामूहिक अवकाश लेकर तरनतारन में विरोध मार्च निकाला, जिस पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया। गिऱफ्तार कर्मचारियों को रिहा किया गया। आगामी चुनावों में सबक सिखाने का संकल्प लिया गया। संघर्ष जारी रखने का निर्णय। (तरनतारन) पंजाब स्टेट मिनिस्टीरियल सर्विसेज यूनियन के आह्वान पर प्रदेश अध्यक्ष गुरनाम सिंह विर्क, प्रदेश महासचिव तरसेम भट्टल और प्रदेश चेयरमैन रघबीर सिंह बडवाल के नेतृत्व में पंजाब भर के करीब 45 विभागों के हजारों मिनिस्टीरियल कर्मचारियों ने सामूहिक अवकाश लेकर तरनतारन में हिस्सा लिया।
जिला प्रबंधकीय कांप्लेक्स के समक्ष रैली करने के बाद चुनाव लड़ रहे आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार के निवास की ओर रोष मार्च शुरू किया गया। इस रोष प्रदर्शन में शामिल कर्मचारी पंजाब सरकार के कर्मचारी विरोधी रवैये और किसी भी कर्मचारी द्वारा उनकी मांगें पूरी न किए जाने के कारण इतने गुस्से में थे कि उन्होंने रास्ते में पुलिस प्रशासन द्वारा लगाए गए तीन बैरिकेड्स को पार कर लिया। रोष मार्च को रोकने के लिए सरकार की ओर से भारी संख्या में पुलिस और सीआरपीएफ तैनात की गई थी। तीसरा बैरिकेड पार करते ही पुलिस प्रशासन ने शांतिपूर्ण रोष मार्च में शामिल कर्मचारियों पर लाठीचार्ज कर दिया। कर्मचारियों को जबरन घसीट कर बसों में डाल दिया। इससे कई कर्मचारियों को खरोंचें आईं, उनके कपड़े फट गए, बटन टूट गए।
विरोध स्वरूप कर्मचारी सड़क पर बैठ गए और धरना लगा दिया। पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए कर्मचारियों को तुरंत रिहा कर दिया गया। प्रदेश अध्यक्ष गुरनाम सिंह विर्क ने कहा कि इस रैली और रोष मार्च में जहां पंजाब के हर जिले से हजारों कर्मचारी कारों और बसों में सवार होकर पहुंचे थे, वहीं तरनतारन के कई स्थानीय कर्मचारियों ने अपने कार्यालय बंद कर खूब स्टाफ चुनाव रिहर्सल की और यहां तक कि बूथ स्तर पर काम करने वाले क्लेरिकल बीएलओ भी जिला अध्यक्ष गुरसेवक सिंह, जिला महासचिव अंग्रेज सिंह और डीसी कार्यालय के जिला अध्यक्ष करमिंदर सिंह चीमा के नेतृत्व में अपने दो पहिया और चार पिहया वाहन लेकर इसमें शामिल हुए। इस रोष मार्च के दौरान जिला प्रशासन ने पंजाब सरकार की ओर से पंजाब के मुख्यमंत्री के साथ कोई बैठक निर्धारित नहीं की।
जबकि नेतृत्व कह रहा था और मान रहा था कि कैबिनेट सब-कमेटी या किसी अन्य स्तर की बैठक का कोई फायदा नहीं है। यदि उनकी मांगों व निर्णयों को मुख्यमंत्री द्वारा लिया जाना है तो संगठन ने सरकार की उदासीनता व अपने पूरे कार्यकाल के दौरान किसी भी मांग को लागू न करने के विरोध स्वरूप कर्मचारियों पर हुए लाठीचार्ज की कड़ी निंदा की तथा तरनतारन के बाद खडूर साहिब व आगामी चुनावों में सबक सिखाने का संकल्प लिया और संघर्ष को निरंतर जारी रखने का निर्णय लिया। अगली रणनीति व संघर्ष की रूपरेखा तैयार करने के लिए जल्द ही राज्य स्तरीय बैठक की जाएगी।

