लुधियाना Hospital : 9 वर्ष की बीमार बेटी अनन्या को अस्पताल ले जा रहे पिता बेचे लाल को पुलिस की ओर से बेरहमी से पीटते और जगतपुरी पुलिस चौकी ले जाने का मामला सामने आया है। पुलिस का मानना था कि इलाके से एक नाबालिग को भगाने के मामले में आरोपी का रिश्तेदार बेचे लाल भी संलिप्त है। बेचे लाल का कहना है कि तीन दिन तक पुलिस ने उसे अवैध हिरासत में रखा और बुरी तरह पीटा। यही नहीं कस्टडी में उसे विशाल नैय्यर नाम का आदमी भी बेरहमी से पीटता रहा। उसकी प}ी ने भी पुलिस चौकी आकर बीमार बेटी को अस्पताल ले जाने के लिए उसे छोड़ने की बात कही, लेकिन किसी ने उसकी एक नहीं सुनीं। आखिरकार जब उसकी बेटी ने दम तोड़ दिया, तब पुलिस ने उसे छोड़ा।
बेटी की मौत से आहत बेचे लाल व उसका परिवार बुधवार को विशाल नैय्यर व पुलिस के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर बच्ची के शव को लेकर डीसी दफ्तर पहुंचा। डीसी हिमांशु जैन ने मामले का संज्ञान लिया और जगतपुरी चौकी इंचाजर्, थाना हैबोवाल के एसएचओ व एसीपी को तलब करके आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उधर, दूसरी तरफ डीसी ने एसडीएम (पश्चिमी) पूनमप्रीत कौर को मामले की न्यायिक जांच सौंप दी है।
जानें क्या है पूरा मामला?
जानकारी के मुताबिक 9 जुलाई को गोपाल नगर (कुंदनपुरी) इलाके से एक नाबालिग लड़की को लेकर एक युवक फरार हो गया था। वह युवक अनन्या के पिता बेचेलाल का जानकार था। पुलिस ने मामले में बेचेलाल को चौकी बुलाया। बेचे लाल का कहना है कि पुलिस ने उसे 2 दिन तक अवैध हिरासत में रखा और आरोपी के बारे में पूछती रही। दो दिन बाद उसे छोड़ दिया गया। 27 जुलाई को बेचे लाल की बेटी अनन्या की तबीयत खराब हुई तो वह उसे अस्पताल ले जा रहा था। बेचे लाल ने बताया कि जैसे ही वह घर से बाहर निकला तो पुलिस ने उसे पकड़ा और पीटना शुरू कर दिया। वह चिल्लाता रहा कि उसकी बेटी बीमार है और उसे लेकर अस्पताल जा रहा है। लेकिन पुलिस ने उसकी एक नहीं सुनी और उसे उठाकर जगतपुरी चौकी ले गए। जिससे उसकी बच्ची को कोई समय पर अस्पताल नहीं ले जा पाया। बेचे लाल का कहना है कि पुलिस के साथ विशाल नैय्यर भी था। पुलिस चौकी में विशाल नैय्यल ने पुलिस हिरासत में उससे बुरी तरह मारपीट की। उसने बताया कि पुलिस ने उसे 27 जुलाई से 29 जुलाई शाम तक अवैध हिरासत में रखा और मारपीट की। 29 को जब उसकी 9 वर्षीय बेटी की मौत हुई तो पुलिस ने उसे छोड़ा। उसने बताया कि पुलिस ने धमकी दी कि बाहर कुछ भी कहा तो उसके खिलाफ केस दर्ज कर दिया जाएगा। वहीं बेचे लाल का आरोप है कि विशाल नैय्यर ने उससे केस से बाहर निकलने के बदले 8 लाख रुपये भी मांगे। उसने बताया कि पुलिस अगर उसे बेटी का इलाज करने देती तो उसकी मौत नहीं होती।

