चंडीगढ़: एक बड़ी सफलता में, पंजाब पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस विंग ने चंडीगढ़ पुलिस के साथ मिलकर एक संयुक्त अभियान में, सेक्टर 37, चंडीगढ़ में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कार्यालय के बाहर हुए ग्रेनेड हमले को सुलझा लिया है। इस अभियान में पाँच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और उनके पास से एक हैंड ग्रेनेड, एक .30 बोर की जिगाना पिस्तौल और गोला-बारूद बरामद किया गया है।
पंजाब के DGP गौरव यादव ने बताया कि शुरुआती जाँच से पता चला है कि इस मॉड्यूल को पाकिस्तान की ISI का समर्थन प्राप्त था और यह पुर्तगाल और जर्मनी में बैठे विदेशी हैंडलरों के निर्देशों पर काम कर रहा था। उन्होंने आगे कहा कि आरोपी एक संगठित नेटवर्क का हिस्सा थे, जिसमें हमले को अंजाम देने के लिए कई गुर्गे और उप-मॉड्यूल शामिल थे।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान बलविंदर लाल उर्फ शमी, जसवीर सिंह उर्फ जस्सी, चरणजीत सिंह उर्फ चन्नी, रुबल चौहान और मनदीप उर्फ अभिजीत शर्मा के रूप में हुई है।
DGP ने आगे बताया कि हमले में शामिल दो मुख्य अपराधियों की भी पहचान कर ली गई है, और मामले में आगे और पीछे के संपर्कों (forward and backward linkages) का पता लगाने के प्रयास जारी हैं।
विवरण साझा करते हुए, AIG स्टेट स्पेशल ऑपरेशंस सेल (SSOC) दीपक पारीख ने बताया कि आरोपियों ने हैंड ग्रेनेड, हथियार और जिंदा कारतूसों की एक खेप पहुंचाई थी, जिसे अंतिम हमलावरों तक पहुँचने से पहले कई गुर्गों के माध्यम से आगे बढ़ाया गया था।
उन्होंने आगे कहा कि आरोपियों ने पुर्तगाल में बैठे एक हैंडलर के निर्देशों पर काम किया और हमले की डिलीवरी और उसे अंजाम देने का समन्वय किया। पुलिस की टीमें फिलहाल फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए छापेमारी कर रही हैं।
BJP कार्यालय के बाहर ग्रेनेड हमला इस सप्ताह की शुरुआत में हुआ था, जिससे इस क्षेत्र में सुरक्षा संबंधी चिंताएँ बढ़ गई थीं।
पुलिस स्टेशन SSOC, SAS नगर में शस्त्र अधिनियम (Arms Act) और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत एक मामला दर्ज किया गया है।

