Police Urges Farmers to Avoid Stubble Burning : मोगा। धान की पराली जलाने की घटनाओं पर रोक लगाने और वायु प्रदूषण को कम करने के लिए मोगा पुलिस ने गांव सिंघावाला में किसानों के साथ जागरूकता बैठक की।
थाना चड़िक के मुख्य अधिकारी सब-इंस्पेक्टर पूर्ण सिंह ने किसानों को पराली जलाने से होने वाले नुकसान और सुप्रीम कोर्ट व वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के दिशा-निर्देशों की जानकारी दी। उन्होंने किसानों को सुपर सीडर, हैप्पी सीडर सहित आधुनिक कृषि मशीनों के इस्तेमाल और वैज्ञानिक तरीके से पराली प्रबंधन के लिए प्रेरित किया। बैठक में किसानों ने पुलिस की पहल का समर्थन करते हुए पराली न जलाने और इसके उचित प्रबंधन में सहयोग देने का भरोसा दिलाया।
इस दौरान थाना चड़िक के मुख्य अधिकारी सब-इंस्पेक्टर पूर्ण सिंह ने किसानों को पराली न जलाने के लिए जागरूक किया। किसानों ने पुलिस की इस पहल का समर्थन करते हुए पराली न जलाने और इसके उचित प्रबंधन में सहयोग देने का भरोसा दिलाया। बैठक के दौरान सब-इंस्पेक्टर पूर्ण सिंह ने किसानों को बताया कि धान की पराली जलाने से वायु प्रदूषण बढ़ता है, जिसका सीधा असर आम लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ता है। इससे बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी समस्याओं से जूझ रहे लोगों को विशेष परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
इसके अलावा प्रदूषण का दुष्प्रभाव पशु-पक्षियों और पर्यावरण पर भी पड़ता है। पराली जलाने से मिट्टी में मौजूद लाभकारी सूक्ष्म जीवों को नुकसान पहुंचता है, जिससे जमीन की उर्वरता भी प्रभावित हो सकती है। उन्होंने किसानों को माननीय सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) की ओर से जारी दिशा-निर्देशों की जानकारी देते हुए उनका पालन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि पराली के उचित प्रबंधन के लिए किसानों को जागरूक होकर आगे आना चाहिए। आधुनिक कृषि मशीनों के इस्तेमाल पर दिया जोर पुलिस अधिकारी ने किसानों को सुपर सीडर, हैप्पी सीडर और अन्य आधुनिक कृषि मशीनों का इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि किसान कृषि विभाग और सहकारी सभाओं के साथ तालमेल बनाकर पराली का वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधन कर सकते हैं। इससे पराली जलाने की जरूरत कम होगी और मिट्टी की गुणवत्ता बनाए रखने में भी मदद मिलेगी। किसानों ने दिया सहयोग का भरोसा गांव सिंघावाला के किसानों ने पुलिस की ओर से चलाए जा रहे जागरूकता अभियान की सराहना करते हुए भरोसा दिलाया कि वे पराली को आग नहीं लगाएंगे और इसके उचित प्रबंधन के लिए हरसंभव सहयोग करेंगे।
मोगा पुलिस ने किसानों से अपील की कि वे स्वयं पराली न जलाएं और दूसरे किसानों को भी इसके नुकसान के बारे में जागरूक करें। पुलिस का उद्देश्य किसानों के सहयोग से पराली जलाने की घटनाओं पर रोक लगाना, वायु प्रदूषण को कम करना और स्वच्छ पर्यावरण के निर्माण में योगदान देना है।

