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स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल, गुरेज मामले की जांच की तैयारी

Probe Proposed Into Pregnant Woman’s Death in Gurez : श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के बांदीपोरा जिले के गुरेज क्षेत्र में गर्भवती महिला हसीन बेगम और उनके बच्चे की मौत के मामले में प्रशासन ने जांच की पहल की है। बांदीपोरा की उपायुक्त इंदु कंवल छिब ने बताया कि जांच का प्रस्ताव कश्मीर के स्वास्थ्य सेवा निदेशक को भेज दिया गया है।

साथ ही, गुरुवार सुबह पीड़ित परिवार को मुआवजा भी प्रदान किया गया। रिपोर्ट के अनुसार, तुलेल के मजगुंड गांव की निवासी हसीन बेगम को गर्भावस्था में जटिलताएं होने पर बांदीपोरा जिला अस्पताल ले जाया गया था, जहां उनके बच्चे का मृत जन्म हुआ। इससे पहले, उन्हें शेखपोरा के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया था, लेकिन वहां मेडिकल स्टाफ मौजूद नहीं था। बाद में गुरेज उप-जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने खून की कमी के कारण उन्हें आगे के इलाज के लिए बांदीपोरा भेजने की सलाह दी थी।

 इस संबंध में जानकारी देते हुए अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (शहरी विकास), अमृतसर ने बताया कि इन शिविरों का उद्देश्य युवाओं को विभिन्न कौशल प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों की जानकारी प्रदान करना, उन्हें रोजगार के अवसरों से अवगत करवाना तथा स्वरोजगार अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है। उन्होंने बताया कि जिले के चिन्हित 56 हॉटस्पॉट क्षेत्रों में से अब तक 13 क्षेत्रों में जागरूकता शिविर आयोजित किए जा चुके हैं। इन शिविरों का आयोजन गांव भिट्टेवड, डग, टपियाला, चविंडा कलां एवं वैरा के अतिरिक्त शहरी क्षेत्रों मोहन नगर वेरका, संत नगर वेरका, गेट हकीमां, अनगढ़ तथा फतेहपुर सहित अन्य स्थानों पर किया गया है।

उन्होंने बताया कि पंजाब कौशल विकास मिशन के अंतर्गत संचालित विभिन्न कौशल प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों के संबंध में युवाओं को विस्तृत जानकारी दी जा रही है। इन पाठ्यक्रमों के अंतर्गत उम्मीदवारों को निःशुल्क प्रशिक्षण के साथ-साथ प्रशिक्षण सामग्री एवं वर्दियां भी उपलब्ध करवाई जाती हैं। जिला रोजगार उत्पत्ति, कौशल विकास एवं प्रशिक्षण कार्यालय, अमृतसर के डिप्टी डायरेक्टर श्री प्रभजोत सिंह ने बताया कि इन शिविरों के माध्यम से युवाओं को कौशल प्रशिक्षण प्राप्त कर रोजगार हासिल करने तथा स्वरोजगार स्थापित करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि युवाओं को कौशलयुक्त बनाकर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने तथा उन्हें नशे से दूर रखने के उद्देश्य से यह पहल की जा रही है। उन्होंने आगे बताया कि स्वरोजगार स्थापित करने के इच्छुक उम्मीदवारों को विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा संचालित ऋण योजनाओं के संबंध में भी जानकारी प्रदान की जा रही है, ताकि वे संबंधित योजनाओं के तहत उपलब्ध सुविधाओं का लाभ उठाकर अपना व्यवसाय शुरू कर सकें। इसके अतिरिक्त, जिला रोजगार एवं कारोबार ब्यूरो में उपलब्ध सेवाओं एवं सुविधाओं के बारे में भी उम्मीदवारों को अवगत करवाया जा रहा है।

इन जागरूकता शिविरों में राजेश कुमार बाहरी, बी.एम.एम. (पी.एस.डी.एम.), स्वराज सिंह, सुरिंदर सिंह तथा दीपक कुमार सहित अन्य संबंधित कर्मियों ने भाग लिया और उपस्थित लोगों को कौशल विकास, रोजगार तथा स्वरोजगार से संबंधित योजनाओं की जानकारी प्रदान की।

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