protest against the government : जालंधर। बरनाला में सफ़ाई कर्मचारियों पर लाठीचार्ज के विरोध में यूनियन के अध्यक्ष बंटू सभरवाल की अगुवाई में स्थानीय भगवान वाल्मीकि चौक पर धरना दिया। इस दौरान पंजाब सरकार के ख़िलाफ़ ज़ोरदार विरोध कर रहे सफ़ाई कर्मचारियों परषोत्तम सोढ़ी हैप्पी, दीपक तेलू, विपिन सभरवाल, सोमा गिल, अश्विनी अटवाल के साथ एकजुटता जताई।
दोषियों पर कार्रवाई की मांग
इस मौके पर पूर्व कैबिनेट मंत्री मनोरंजन कालिया ने कहा कि अपनी जायज़ मांगों के लिए शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन कर रहे सफ़ाई कर्मचारियों पर लाठीचार्ज पंजाब सरकार की तानाशाही सोच को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर वर्ग को अपनी बात कहने का अधिकार है, लेकिन पंजाब सरकार कर्मचारियों की समस्याओं को सुलझाने के बजाय उनकी आवाज़ दबाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने बरनाला घटना की उच्च-स्तरीय जांच और दोषी अधिकारियों के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई की मांग की।
सम्मान और अधिकारों की आवाज़ उठाई
पूर्व सांसद सुशील कुमार रिंकू ने कहा कि सफ़ाई कर्मचारी समाज को साफ़-सुथरा और स्वस्थ रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। ऐसे कर्मचारियों के साथ अमानवीय व्यवहार करना बहुत दुखद है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार को कर्मचारियों की मांगों के प्रति संवेदनशीलता दिखानी चाहिए थी, लेकिन सरकार ने ज़बरदस्ती का रास्ता अपनाकर अपनी विफलता साबित कर दी है। पूर्व विधायक अविनाश चंदर ने कहा कि बरनाला घटना ने सफ़ाई कर्मचारियों और पूरे पंजाब के वाल्मीकि समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है। उन्होंने कहा कि बीजेपी हमेशा कामगार और मज़दूर वर्ग के अधिकारों की लड़ाई में उनके साथ खड़ी रही है और आगे भी खड़ी रहेगी।
माफी और कर्मचारियों की मांगें मानने की मांग
उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के ख़िलाफ़ किसी भी तरह का अत्याचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों को कानून के मुताबिक सज़ा मिलनी चाहिए। आखिर में, बीजेपी के ज़िला अध्यक्ष अशोक सरीन हिक्की ने कहा कि सफ़ाई कर्मचारी समाज की रीढ़ हैं और उनके सम्मान और अधिकारों की रक्षा करना हर सरकार की ज़िम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि बरनाला में जो हुआ वह बहुत निंदनीय है और पंजाब सरकार को इसके लिए सार्वजनिक रूप से माफ़ी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बीजेपी सफ़ाई कर्मचारियों के संघर्ष में उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है और उनकी जायज़ मांगों को मनवाने के लिए हर स्तर पर आवाज़ उठाती रहेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो बीजेपी राज्य स्तर पर अपना संघर्ष तेज़ कर देगी।

