Protest against the India-US trade agreement : बठिंडा। भारतीय किसान यूनियन एकता उग्राहन ने केंद्र सरकार के खिलाफ डीसी कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। किसानों ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को किसान विरोधी बताते हुए इसे रद्द करने की मांग की और चेतावनी दी कि किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं होने तक संघर्ष जारी रहेगा।
इस प्रदर्शन के बारे में भारतीय किसान यूनियन एकता उग्राहन के ज़िला अध्यक्ष शिंगारा सिंह मान से बातचीत की गई। इस दौरान उन्होंने कहा कि भारत सरकार और अमेरिका के बीच हो रहे व्यापार समझौते के विरोध में, भारतीय किसान यूनियन एकता उग्राहन पंजाब के सभी ज़िलों में DC ऑफिस के बाहर केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रही है। उन्होंने कहा कि इस व्यापार समझौते और जन-विरोधी नीतियों को रद्द किया जाना चाहिए। पंजाब सरकार को लैंड पूलिंग पॉलिसी भी वापस लेनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार उद्योगपतियों का कर्ज़ तो माफ़ कर रही है, लेकिन किसानों का कर्ज़ अभी तक माफ़ नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को किसानों के लिए एक कृषि नीति लानी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस व्यापार समझौते से किसानों को बहुत नुकसान होगा क्योंकि भारत में किसानों को खेती पर बहुत ज़्यादा खर्च करना पड़ता है, जबकि अमेरिकी सरकार वहां के किसानों को भारी सब्सिडी देती है। उन्होंने कहा कि यह समझौता हमारे बाज़ारों पर कब्ज़ा कर लेगा।
उन्होंने कहा कि इस समझौते से न केवल किसानों को, बल्कि हर वर्ग को नुकसान होगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार केवल दो फ़सलों पर MSP की गारंटी दे रही है। उन्होंने कहा कि कोई भी पार्टी देश के किसानों और आम लोगों का भला नहीं कर सकती; केवल किसान ही अपना भला कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि देश में लोकतंत्र जैसी कोई चीज़ नहीं बची है। उन्होंने कहा कि ये प्रदर्शन तब तक जारी रहेंगे जब तक केंद्र सरकार किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं कर देती।

