लुधियाना: राज्य सरकार द्वारा मिश्रित भूमि उपयोग (एमएलयू) क्षेत्रों में औद्योगिक इकाइयां चलाने के संबंध में कोई स्पष्ट नीति घोषित न करने और संचालन जारी रखने की अवधि न बढ़ाने से नाराज लघु एवं सूक्ष्म उद्योगपतियों ने आज जिला उद्योग केंद्र पर विरोध प्रदर्शन किया। उद्योगपतियों ने आरोप लगाया कि इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए निरंतर प्रयासों के बावजूद आम आदमी सरकार ने उनकी बात तक नहीं सुनी। इसके चलते हजारों इकाइयों का भविष्य खतरे में है।
जनता नगर लघु उद्योगपति संघ के अध्यक्ष जसविंदर सिंह ठुकराल ने कहा कि अवधि समाप्त होने के कारण अब ये उद्योग अवैध रूप से चलने को मजबूर हैं और इन्हें बंद करने के आदेश कभी भी आ सकते हैं। उन्होंने कहा कि लाखों लोगों की आजीविका इन लघु उद्योगों पर निर्भर है, इन्हें अचानक दूसरी जगह कैसे स्थानांतरित किया जा सकता है? सरकार के पास न तो उद्योग स्थानांतरण की कोई योजना है और न ही कोई विकल्प, फिर भी सरकार इस संवेदनशील मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए है। गौरतलब है कि पिछले लगभग एक दशक से ऐसे मिश्रित भूमि उपयोग क्षेत्रों में, जहां आवासीय मकान भी हैं, 50,000 से अधिक लघु एवं सूक्ष्म उद्योग चल रहे हैं। मिश्रित भूमि उपयोग क्षेत्रों में काम करने की अवधि को पिछली सरकारों द्वारा हर कुछ वर्षों में बढ़ाया गया था।
इस बार यह अवधि 30 सितंबर को समाप्त हो गई है, लेकिन वर्तमान सरकार द्वारा अभी तक कोई स्पष्ट निर्णय नहीं लिया गया है। ये उद्योग लगभग एक दर्जन क्षेत्रों में चल रहे हैं। स्थानीय निवासी अपने स्थान परिवर्तन की मांग कर रहे हैं। वहीं उद्योगपति सरकार से इस क्षेत्र को औद्योगिक क्षेत्र घोषित करने की मांग कर रहे हैं। उद्योगपतियों ने डीआईसी कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया और पंजाब सरकार के खिलाफ नारे लगाए, ताकि सरकार जल्द से जल्द कोई समाधान निकाले।
📍 Location: लुधियाना (लुधियाना)
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