Protests Erupt Across Moga Villages : मोगा। जिले के बाघापुराना हलके में परमिंदर सिंह झोटा को इंसाफ दिलाने की मांग को लेकर रविवार को कई गांवों में विरोध प्रदर्शन किए गए। परमिंदर झोटा एक्शन इंसाफ कमेटी के आह्वान पर अकाली दल वारिस पंजाब जत्थेबंदी, किसान-मजदूर संगठनों और ग्रामीणों ने आम आदमी पार्टी के चुनाव चिह्न झाड़ू जलाकर पंजाब सरकार के खिलाफ रोष जताया। प्रदर्शनकारियों ने झोटा के परिवार को इंसाफ देने, हत्या के आरोपियों को सख्त सजा दिलाने और लंबित मांगें पूरी करने की मांग की। नेताओं ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर संघर्ष तेज किया जाएगा।
इस दौरान राजियाणा और रोड़े सहित विभिन्न गांवों में अकाली दल वारिस पंजाब जत्थेबंदी के नेताओं, कार्यकर्ताओं, किसान-मजदूर संगठनों तथा ग्रामीणों ने भाग लिया। प्रदर्शनकारियों ने पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए झोटा के परिवार को इंसाफ देने और मामले के आरोपियों को सख्त सजा दिलाने की मांग की। अकाली दल वारिस पंजाब जत्थेबंदी के बाघापुराना हलका इंचार्ज महां सिंह राउके और मीडिया एवं कार्यालय इंचार्ज जस्मेल सिंह राजियाणा ने प्रेस नोट जारी कर कहा कि परमिंदर सिंह झोटा नशे के खिलाफ अभियान चलाकर कथित ड्रग माफिया के विरुद्ध संघर्ष कर रहे थे।
उन्होंने आरोप लगाया कि झोटा की हत्या के मामले में पंजाब सरकार परिवार को इंसाफ दिलाने में विफल रही है। नेताओं ने दावा किया कि श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से परमिंदर सिंह झोटा को कौमी शहीद घोषित किया गया है। नेताओं के अनुसार, झोटा का शव पिछले करीब 13 दिनों से मानसा के अस्पताल की मोर्चरी में रखा हुआ है। परिवार की मांगें पूरी नहीं होने के विरोध में मानसा में धरना लगातार जारी है। उन्होंने कहा कि सरकार के साथ कुछ मांगों पर सहमति बनी है, लेकिन मुख्यमंत्री भगवंत मान और पंजाब के डीजीपी के इस्तीफे सहित अन्य मांगें अभी लंबित हैं।
प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने झोटा के परिवार को इंसाफ देने, हत्या के आरोपियों को कड़ी सजा दिलाने और घायल व्यक्तियों का उचित उपचार करवाने की मांग उठाई। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ कैबिनेट मंत्रियों द्वारा मामले को व्यक्तिगत रंजिश का रूप दिया जा रहा है, जिसकी उन्होंने निंदा की। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने शेष मांगें जल्द पूरी नहीं कीं तो संघर्ष और तेज किया जाएगा।
उनके अनुसार, कोटला मेहर सिंह, ठठी भाई, सुखानंद, बंबीहा भाई, नाथेवाला, माहला कलां, चीदा, लंगियाणा पुराना, लंगियाणा नया, हरिएवाला, लंडे, साहोके, बाघापुराना, भलूर और अजीतगढ़ वांदर सहित अनेक गांवों में भी झाड़ू जलाकर विरोध जताया गया। इस मौके पर गुरमीत सिंह माहला, गुरप्रीत सिंह, जगतार सिंह राजियाणा, बलतेज सिंह लंगियाणा, गुरजंट सिंह भुट्टो रोड़े और अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे। जस्मेल सिंह राजियाणा ने कहा कि परमिंदर सिंह झोटा और उनके परिवार को इंसाफ मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा।

