जंडियाला गुरु: पंजाब स्टेट मिनिस्ट्रियल सर्विस यूनियन के नेतृत्व में पिछले कुछ समय से पंजाब के सरकारी मुलाजिम सरकार के खिलाफ लगातार संघर्ष कर रहे हैं। इसी कड़ी के तहत राज्य भर में अलग-अलग स्थानों पर रैलियां आयोजित की गईं। 8 मार्च को चंडीगढ़ के वाईपीएस चौक में एक बड़ी रैली आयोजित की गई, जिसमें पंजाब की विभिन्न कर्मचारी जत्थेबंदियों के हजारों सदस्यों ने भाग लिया। रैली के बाद कर्मचारी संगठनों ने फैसला लिया कि पूरे पंजाब में एक दिन की हड़ताल की जाएगी और इसके बाद 13 तारीख को अगले संघर्ष का ऐलान किया जाएगा।
इस दौरान ईएसएस यूनियन जालंधर, सीपीएफ यूनियन, टीचर फ्रंट, डीएल तथा पंजाब रोडवेज जूनियर यूनियन के प्रतिनिधियों ने संयुक्त रूप से मुख्यमंत्री के निवास स्थान पर पहुंचकर मांग रखी कि 8 मार्च को वाईपीएस चौक में हुई रैली के दौरान मुलाजिमों पर पुलिस द्वारा किए कथित सख्त रवैये और कार्रवाई की जांच की जाए। जत्थेबंदियों ने सरकार से मांग की कि कर्मचारियों से किए गए वादों के अनुसार पुरानी पैंशन योजना को बहाल किया जाए और पंजाब के मुलाजिमों को 16 प्रतिशत डीए जारी किया जाए।
कर्मचारियों का आरोप है कि बैठक करवाने की बजाय पुलिस प्रशासन ने बीती रात जंडियाला गुरु स्थित उनके घर से डीसी ऑफिस यूनियन के राज्य नेता तथा पीएसयू के जिला प्रधान तजिंदर सिंह नंगल को गिरफ्तार कर लिया। यूनियन नेताओं का कहना है कि गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने घर में मौजूद महिला स्टाफ के साथ भी अभद्र भाषा का प्रयोग किया। इसके अलावा जालंधर जिले के कई अन्य यूनियन नेताओं को भी उनके घरों में नजरबंद कर दिया गया, जिनमें पंजाब रोडवेज के सूबा प्रधान विनोद सागर, सुखविंदर सिंह निज्जर, जोरदार सिंह, पवन कुमार सहित अन्य नेता शामिल हैं।
तजिंदर सिंह नंगल की गिरफ्तारी के विरोध में पंजाब भर से कर्मचारी जंडियाला गुरु पहुंचे। आरोप है कि उन्हें अपने साथी नेता से मिलने या रिहाई दिलाने की बजाय अलग-अलग स्थानों पर रोक दिया गया। इसके विरोध में आज जंडियाला गुरु में विभिन्न कर्मचारी जत्थेबंदियों ने संयुक्त रूप से बड़ा धरना देते हुए सड़क जाम कर दिया। इस घटनाक्रम के बाद पंजाब की प्रमुख कर्मचारी जत्थेबंदियों ने राज्यभर में पूरे दिन की हड़ताल का ऐलान कर दिया है। यूनियन नेताओं ने कहा कि शाम को होने वाली बैठक के बाद अगले संघर्ष की रणनीति की घोषणा की जाएगी।

