फरीदकोट: पंजाब स्टूडेंट्स यूनियन (PSU) और नौजवान भारत सभा ने आज बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ एंड साइंसेज में कथित तौर पर हुई धांधलियों को लेकर तैयार की गई तथ्य रिपोर्ट विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार को सौंप दी। रजिस्ट्रार ने प्रतिनिधिमंडल को एक सप्ताह के भीतर मामले की जांच पूरी करने का आश्वासन दिया।
फार्मेसी पेपर लीक, विश्वविद्यालय में कथित अनियमितताओं और राजनीतिक हस्तक्षेप के खिलाफ पीएसयू की अगुवाई में लंबे समय तक पक्का धरना लगाया गया था। पिछले दिनों विभिन्न संगठनों की ओर से इसमें बड़ा जनसमूह भी शामिल हुआ था। संघर्ष के दौरान विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से जांच का भरोसा दिए जाने के बाद धरना स्थगित किया गया था।
पीएसयू की राज्य कमेटी सदस्य हरवीर कौर ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय के पूर्व वाइस चांसलर राजीव सूद और मेडिकल सुपरिंटेंडेंट नीतू कुक्कड़ के कार्यकाल के दौरान विश्वविद्यालय में लंबे समय से अनियमितताएं होती रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय के अधीन हुई भर्तियों में कथित तौर पर चहेते कर्मचारियों को नियुक्त किया गया और योग्य उम्मीदवारों के अधिकारों की अनदेखी की गई।
हरवीर कौर के अनुसार, नर्सिंग कॉलेज में एक असिस्टेंट प्रोफेसर की पदोन्नति कथित तौर पर रिश्वत न देने के कारण रोकी गई, जबकि उनकी जगह जगदीश राय ढोसीवाल की बहू को पदोन्नति दिए जाने का आरोप है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित पीड़ित पक्ष की ओर से अदालत में मामला दायर किए जाने के बाद उनका तबादला शहर से दूर दूसरे कॉलेज में कर दिया गया।
पीएसयू नेताओं ने नर्सिंग कॉलेज में कई कर्मचारियों की नियुक्तियों में भी कथित तौर पर पैसे और सिफारिश के इस्तेमाल के आरोप लगाए। उनका कहना है कि ऐसी नियुक्तियां योग्य उम्मीदवारों के साथ अन्याय हैं।
पीएसयू के जिला नेता सुखबीर सिंह और नौजवान भारत सभा के जिला नेता लखवीर सिंह ने आरोप लगाया कि बिना निर्धारित भर्ती प्रक्रिया के नियुक्त किए गए कुछ कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को नियमित कर्मचारियों से भी अधिक वेतन दिया जा रहा है। इसके अलावा, हेल्परों की भर्ती प्रक्रिया में भी पारदर्शिता नहीं बरतने और कई सिफारिशी उम्मीदवारों को नियुक्त करने के आरोप लगाए गए।
संगठनों का कहना है कि तथ्य रिपोर्ट में कथित तौर पर अयोग्य और सिफारिशी उम्मीदवारों के नामों सहित विभिन्न मामलों से संबंधित जानकारी और दस्तावेज शामिल किए गए हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
पीएसयू और नौजवान भारत सभा ने चेतावनी दी कि यदि जांच और कार्रवाई में अनावश्यक देरी की गई तो वे दोबारा तेज संघर्ष शुरू करने के लिए मजबूर होंगे।
📍 Location: Faridkot (Faridkot)

