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सीमा पार ड्रग तस्करी पर पंजाब का बड़ा कदम, एंटी-ड्रोन सिस्टम ‘बाज अख’ रख रहा पैनी नजर

punjab anti drone system

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पंजाब सरकार ने सीमा पार से हो रही ड्रग्स और हथियारों की तस्करी पर रोक लगाने के लिए एक अहम कदम उठाया है। 9 अगस्त 2025 को मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने हाई-टेक एंटी-ड्रोन सिस्टम ‘बाज अख’ का शुभारंभ किया। इस सिस्टम का मकसद सीमा पार से ड्रोन के जरिए भेजे जा रहे नशीले पदार्थों, हथियारों और गोला-बारूद को समय रहते रोकना है। पंजाब सरकार ने साफ किया है कि नशे के खिलाफ उसकी रणनीति दो हिस्सों में काम कर रही है। एक तरफ सप्लाई रोकने के लिए सख्ती और तकनीक का इस्तेमाल, तो दूसरी तरफ नशे की गिरफ्त में फंसे लोगों के इलाज, पुनर्वास और समाज में दोबारा शामिल होने पर जोर।

तरनतारन से हुई शुरुआत

‘बाज अख’ एंटी-ड्रोन सिस्टम को तरनतारन जिले से लॉन्च किया गया है, जो ड्रोन तस्करी के लिहाज से संवेदनशील इलाका माना जाता है। फिलहाल इसकी तीन यूनिट काम करना शुरू कर चुकी हैं, जबकि छह और यूनिट जल्द तैनात की जाएंगी। यह सिस्टम पठानकोट से लेकर फाजिल्का तक पूरी अंतरराष्ट्रीय सीमा की निगरानी करेगा। यह सीमा सुरक्षा बल के साथ मिलकर काम करेगा और पंजाब पुलिस के लिए दूसरी सुरक्षा पंक्ति की तरह काम करेगा।

इसकी मदद से पंजाब के हवाई क्षेत्र में घुसने वाले ड्रोन का तुरंत पता लगाकर उन्हें निष्क्रिय किया जा सकेगा। एंटी-ड्रोन सिस्टम को हरी झंडी दिखाते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह पहल देश और समाज विरोधी ताकतों के खिलाफ एक मजबूत जवाब है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा- अब तक इस तरह की तकनीक का इस्तेमाल सशस्त्र बल और बीएसएफ करते थे। पंजाब देश का पहला राज्य है, जिसने अंतरराष्ट्रीय सीमा पर एंटी-ड्रोन सिस्टम लगाया है। इससे सीमा पार से ड्रग्स भेजने वालों को साफ संदेश जाएगा। पंजाब सरकार ने कुल 9 एंटी-ड्रोन यूनिट लगाने के लिए 51.4 करोड़ रुपये का बजट तय किया है। यह कदम सरकार के ‘युद्ध नशे विरुद्ध’ अभियान का अहम हिस्सा है।

ड्रोन तस्करी क्यों बनी बड़ी चुनौती

ड्रोन के जरिए तस्करी पंजाब की आंतरिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन चुकी है। पंजाब सरकार द्वारा साझा आंकड़ों के मुताबिक, 2024 में ड्रग्स, हथियार और गोला-बारूद ले जा रहे 283 ड्रोन पकड़े गए। 2025 में 137 ड्रोन जब्त किए गए। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि ये आंकड़े दिखाते हैं कि तस्कर कितनी तेजी से नए तरीके अपना रहे हैं। अब ‘बाज अख’ सिस्टम की मदद से किसी भी संदिग्ध ड्रोन को रियल टाइम में रोका जा सकेगा।

पंजाब सरकार हर तकनीक अपनाने को तैयार

वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ड्रग्स के खतरे पर नजर रखने वाली कैबिनेट सब-कमेटी का नेतृत्व कर रहे हैं। वहीं कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने हाल ही में मोहाली में एंटी-ड्रोन तकनीक का प्रदर्शन देखा, जिससे साफ होता है कि पंजाब सरकार हर संभव तकनीकी उपाय अपनाना चाहती है। मीडिया से बातचीत में अमन अरोड़ा ने कहा कि पाकिस्तान की ओर से ड्रोन के जरिए पंजाब में ड्रग्स और हथियार भेजे जा रहे हैं, इसलिए अब तकनीक आधारित जवाब बेहद जरूरी हो गया है। पंजाब को ड्रग-फ्री बनाने के लिए सरकार किसी भी हद तक जाने को तैयार है। लोगों की जान बचाने के लिए हर जरूरी तकनीक अपनाई जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सीमा की पहली जिम्मेदारी केंद्र सरकार और बीएसएफ की है, जबकि पंजाब पुलिस दूसरी सुरक्षा पंक्ति के रूप में काम करती है और तस्करी की कोशिशों को नाकाम करने में अहम भूमिका निभाती है।

सख्ती और संवेदना दोनों पर फोकस

पंजाब सरकार का कहना है कि नशे की समस्या सिर्फ कार्रवाई से खत्म नहीं होगी। इसलिए एक ओर जहां तस्करों पर सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर नशे के शिकार लोगों के इलाज, पुनर्वास और सामाजिक पुनर्वापसी पर भी बराबर ध्यान दिया जा रहा है। पंजाब सरकार का दावा है कि यह दोहरी रणनीति ही पंजाब को नशे के दलदल से बाहर निकालने में मदद करेगी।

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