Last Updated: October 7, 2026

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आज पंजाब बंद: जेलों में बंद बंदी सिंहों को रिहा करने की मांग, घर से निकलने से पहले जान लें क्या रहेगा बंद व खुला

August 21, 2026

आज पंजाब बंद: जेलों में बंद बंदी सिंहों को रिहा करने की मांग, घर से निकलने से पहले जान लें क्या रहेगा बंद व खुला

पंजाब डेस्कः जेलों में बंद बंदी सिंहों की रिहाई की मांग को लेकर कौमी इंसाफ मोर्चा ने शुक्रवार को पंजाब बंद का आह्वान किया है। यह बंद सुबह 7 बजे से दोपहर 2 बजे तक रहेगा। मोर्चे को कई किसान और सिख संगठनों का समर्थन मिला है। बंद के कारण पंजाब में बाजार, हाईवे, बस सेवा और अन्य सार्वजनिक परिवहन प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि जरूरी सेवाओं को बंद से बाहर रखने की बात कही गई है।


कई किसान संगठनों ने दिया समर्थन
कौमी इंसाफ मोर्चा के बंद का समर्थन किसान मजदूर मोर्चा (KMM), भारतीय किसान यूनियन (राजेवाल) समेत कई संगठनों ने किया है। किसान मजदूर मोर्चा के नेता सरवन सिंह पंधेर ने भी दुकानदारों और संस्थानों से सुबह 7 बजे से दोपहर 2 बजे तक बंद का समर्थन करने की अपील की है।

बंदी सिंहों की रिहाई की मुख्य मांग
कौमी इंसाफ मोर्चा का कहना है कि कई बंदी सिंह अपनी जेल की सजा पूरी कर चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें अभी तक जेलों से रिहा नहीं किया गया है। मोर्चे ने इसे मानवाधिकारों से जुड़ा गंभीर मामला बताया है। संगठन की मांग है कि केंद्र और पंजाब सरकार ऐसे सभी कैदियों की स्थिति की समीक्षा करे और जिनकी सजा पूरी हो चुकी है, उन्हें जल्द रिहा किया जाए।

हाईवे पर आवाजाही हो सकती है प्रभावित
मोर्चा के कन्वीनर गुरदीप सिंह बठिंडा ने कहा है कि बंद के दौरान हाईवे पर यातायात प्रभावित हो सकता है। उन्होंने ट्रांसपोर्ट यूनियनों से अपील की है कि सुबह 7 बजे से दोपहर 2 बजे तक बसों और ट्रकों को सड़कों पर न चलाया जाए। इसका असर लंबी दूरी की बसों, माल ढुलाई और अन्य वाहनों की आवाजाही पर पड़ सकता है। हालांकि मोर्चे की ओर से कहा गया है कि एंबुलेंस और अन्य जरूरी सेवाओं को आने-जाने की अनुमति रहेगी। शादी या अंतिम संस्कार जैसे जरूरी सामाजिक कार्यक्रमों में जाने वाले लोगों को भी आवाजाही की छूट देने की बात कही गई है।

दुकानदारों से बाजार बंद रखने की अपील
मोर्चे ने पंजाब के व्यापारियों और दुकानदारों से भी स्वेच्छा से दुकानें और बाजार बंद रखने की अपील की है।इसके लिए पंजाब प्रदेश व्यापार मंडल से भी बातचीत की जा रही है। यदि बड़ी संख्या में व्यापारी बंद का समर्थन करते हैं तो सुबह 7 बजे से दोपहर 2 बजे तक कई शहरों के बाजारों में कारोबार प्रभावित हो सकता है।

स्कूल-कॉलेज भी हो सकते हैं प्रभावित
मोर्चे ने स्कूल और कॉलेजों को भी बंद रखने की अपील की है। इसके बाद कुछ निजी स्कूल शुक्रवार को अपने कैंपस बंद रखने पर विचार कर रहे हैं। हालांकि सरकारी स्कूलों को बंद रखने को लेकर कोई आधिकारिक निर्देश जारी नहीं किया गया है। इसलिए अभिभावकों और विद्यार्थियों को अपने स्कूल की ओर से मिलने वाली सूचना को प्राथमिकता देने की जरूरत होगी।

दूध की सप्लाई को लेकर भी अपील
बंद के दौरान दूध की सप्लाई प्रभावित न हो, इसके लिए मोर्चे ने दूध विक्रेताओं से अपील की है कि वे सुबह 7 बजे से पहले या शाम को दूध बांटें। इसका उद्देश्य बंद के दौरान जरूरी खाद्य सामग्री की सप्लाई को सामान्य रखना है।

फैक्टरियों के काम पर भी पड़ सकता है असर
बंद का असर औद्योगिक क्षेत्रों पर भी पड़ने की आशंका है। मोर्चे ने कहा है कि जिन फैक्टरियों में सुबह 7 बजे से पहले शिफ्ट शुरू हो जाती है, उनके काम में बाधा नहीं डाली जाएगी।
वहीं सुबह 7 बजे से दोपहर 2 बजे तक श्रमिकों की सड़कों पर आवाजाही को लेकर रोक की चेतावनी दी गई है। ऐसे में फैक्टरियों में कर्मचारियों की आवाजाही और उत्पादन पर असर पड़ सकता है।

जरूरी सेवाओं को राहत
मोर्चे ने साफ किया है कि बंद के दौरान आम लोगों की जरूरी जरूरतों का ध्यान रखा जाएगा। एंबुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाओं को आवाजाही की अनुमति रहेगी। शादी और अंतिम संस्कार जैसे जरूरी कार्यक्रमों में जाने वाले लोगों को भी रास्ता देने की बात कही गई है।

कुल मिलाकर, शुक्रवार को सुबह 7 बजे से दोपहर 2 बजे तक पंजाब बंद के कारण सड़क यातायात, बाजार, सार्वजनिक परिवहन, स्कूल-कॉलेज और औद्योगिक गतिविधियां प्रभावित होने की संभावना है। बंद का मुख्य उद्देश्य सजा पूरी कर चुके बंदी सिंहों की रिहाई की मांग को सरकार तक पहुंचाना है।

 

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